कायमगंज। नगर के मुहल्ला बजरिया रामलाल, पृथ्वी दरवाजा, गंगा दरवाजा और सदबाड़ा बगिया स्थित प्राथमिक/उच्च प्राथमिक स्कूल किराये के जर्जर भवनों में चल रहे हैं।
कहीं टिनशेड व पेड़ के नीचे कक्षाएं चल रही हैं तो कहीं बिजली, पानी, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। बढ़ती छात्र संख्या के बीच यह समस्या और विकराल हो सकती है।
स्कूलों के विलय होने के बाद दो नए भवनों के निर्माण को मंजूरी मिली थी। बजरिया रामलाल व सदबाड़ा के स्कूलों के लिए धूना मार्ग पर एक भवन तथा पृथ्वी दरवाजा व बगिया के विद्यालय के लिए चिलौली स्थित बीआरसी कार्यालय के पास भूमि आवंटित की गई थी।
वर्ष 2023–24 में प्रति भवन 11.81 लाख रुपये का बजट भी स्वीकृत हुआ था, लेकिन कार्य शुरू न होने से बजट वापस हो गया। अप्रैल में धूना रोड स्थित भवन का निर्माण शुरू जरूर हुआ, परंतु अभी भी अधूरा है। इससे बजरिया रामलाल के स्कूल के बच्चे पेड़ के नीचे व जर्जर भवन में ही बैठने को मजबूर हैं। इसमें शिक्षा मित्र श्रीश कुमार पेड़ के नीचे पढ़ाते मिले, यहां 112 बच्चे पंजीकृत हैं। शुक्रवार को 62 बच्चे उपस्थित मिले।
निर्माण प्रभारी अभिषेक यादव ने बताया कि गेट, ग्रिल, रंगाई व पुट्टी का कार्य करीब एक माह में पूरा किया जाएगा, जिसके बाद फर्श व टाइल लगाने का काम कायाकल्प योजना के तहत होगा। उन्होंने बताया कि परिसर में बाउंड्रीवॉल के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं है।
खंड शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश पाल ने कहा कि भवन निर्माण का दायित्व बीएसए कार्यालय का है। विभाग को उम्मीद है कि अगले शैक्षणिक सत्र तक नया भवन तैयार हो सकेगा।
फोटो-4 बजरिया रामलाल के प्राथमिक विद्यालय में पेड़ के नीचे बच्चों को पढ़ाते शिक्षा मित्र। संवाद