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बंदी की मौत की अफवाह से मचा बवाल

Sat, 12 Dec 2015 12:54 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला फर्रुखाबाद।
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बंदी रक्षकों के बीच हुए आपसी विवाद के दौरान घायल बंदी रक्षक की लोहिया अस्पताल में मौत की अफवाह से जिला कारागार में कैदियों में आक्रोश फूट गया और उन्होंने तोड़फोड़ तथा पथराव कर जेल प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया।
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बाद में घायल बंदी के वापस जेल पहुंचने पर ही कैदियों का आक्रोश शांत हो सका। इस दौरान जिला कारागार में अफरातफरी का माहौल रहा और जेल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए।

 
थाना मेरापुर के गांव गुठिना निवासी जनमेद पुत्र राजकुमार जाटव दहेज हत्या के मामले में जिला जेल में निरुद्ध है। जनमेद की तबियत खराब पर उसे जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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शुक्रवार शाम जनमेद का बंदी रक्षक रामकिशन शर्मा से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इस पर बंदी रक्षक ने जनमेद के साथ मारपीट कर दी। जनमेद के पेट में लात लगने से उसकी हालत खराब हो गई। हालत बिगड़ने पर आननफानन में उसको एंबुलेंस से लोहिया अस्पताल के लिए बंदी रक्षक ओमवीर, रामकुमार लेकर निकल गए।

 
इसी दौरान जेल के अंदर जनमेद की मौत की अफवाह फैल गई। अफवाह फैलते ही जेल के अन्य बंदियाें ने हंगामा करते हुए तोड़फोड़ कर दी। तोड़फोड़ होती देखकर बंदी रक्षकों ने बंदियों को खदेड़ना शुरू कर दिया। इस पर बंदी और ज्यादा आक्रोशित हो गए।



बंदियों ने बंदी रक्षकों पर पथराव करना शुरूकर दिया। इससे जेल में भगदड़ मच गई। बंदियों को बताया गया कि जनमेद की मौत नहीं हुई है। वह सही है, लेकिन बंदी बात सुनने को तैयार नहीं थे।

 
बंदियों का कहना था कि जब तक जनमेद लौटकर नहीं आ जाता, वह लोग शांत नहीं होंगे। इधर, लोहिया अस्पताल से इलाज कराने के बाद जनमेद को जेल ले जाया गया। तभी बंदी शांत हुए।


जेल अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि बंदी और बंदी रक्षक के बीच विवाद हुआ था। बंदी की मौत होने की अफवाह से बंदी भड़क गए थे। बंदी के वापस आने पर यह  शांत हुए। उन्होंने बताया कि बंदी रक्षक को वहां से हटा दिया गया है।



बंदी की पत्नी ने लगाई थी फांसी-  थाना मेरापुर के गांव गुठिना निवासी जनमेद की शादी थाना नवाबगंज के गांव ठुठली पट्टी निवासी प्रियंका से डेढ़ साले पहले शादी हुई थी। 25 अप्रैल 2015 को महिला ने फांसी लगा ली थी। इस पर महिला के परिजनों ने दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।


जनमेद और उसके पिता राजकुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दो माह पहले ही जनमेद के पिता की जमानत हुई थी।


पिता ने इलाज न कराए जाने का लगाया आरोप-  जनमेद के पिता राजकुमार को सूचना मिलने पर वह पत्नी द्रोपा के साथ जेल पहुंचे। जेल प्रशासन ने दोनों की मुलाकात जनमेद से कराई। राजकुमार ने बताया कि उसके बेटे की तबियत खराब चल रही है। उसका इलाज नहीं कराया जा रहा है, उसके बेटे की पेट में लात मारी गई थी।


जनमेद के पिता को ऐसे लगा था पता-  राजकुमार जाटव के बड़े भाई कमल किशोर फतेहगढ़ के मोहल्ला नगला दीना में रहते हैं। इनका बेटा दीपक शुक्रवार को मोहल्ले में डूबे युवक के शव को देखने के लिए लोहिया अस्पताल गया था।
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यहां पर दीपक को जनमेद मिल गया, उसने अपने साथ हुई घटना की जानकारी दीपक को दी। इस पर दीपक ने जनमेद के पिता को मोबाइल पर फोन कर इसकी जानकारी दी।
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