फतेहगढ़ से गुरसहायगंज तक 42.180 किमी लंबे मार्ग (राज्य मार्ग संख्या 29 ए) को फोरलेन बनाने का प्रोजेक्ट शासन में अटक गया है। फिलहाल इस सड़क पर सफर करने वाले हजारों लोगों को अभी कई महीने तक जाम से जूझना पड़ेगा।
फर्रुखाबाद से कन्नौज होते हुए कानपुर जाने के लिए एकमात्र रास्ता फतेहगढ़ से शुरू होता है। ट्रेन लेट होने या ट्रैक बाधित होने पर इसी रोड पर चलने वाली रोडवेज बसों, निजी बसों, टेंपो, मैजिक वैन आदि वाहनों में बैठकर लोग गंतव्य तक आते-जाते हैं। स्टूडेंट्स, नौकरी पेशा से लेकर किसानों का अनाज, व्यापारियों का माल इसी रास्ते से आता-जाता है। जनसंख्या व वाहनों की वृद्धि के कारण फतेहगढ़, कमालगंज, खुदागंज, याकूतगंज, समधन आदि कसबों में रोज दिन में कई बार जाम की समस्या उत्पन्न होती है। कभी वाहन रेंगते हुए निकलते हैं तो कभी घंटों खड़े रहने को मजबूर होते हैं।
मौजूदा समय में सड़क की चौड़ाई 7 मीटर (डामरीकृत हिस्सा) है। इसे चौड़ा करके 14 मीटर करने व बीच में डिवाइडर बनाने के लिए बीते एक दशक से मांग चल रही है। वर्ष 2015 में प्रदेश सरकार ने इस रोड को फोरलेन बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड को दी थी।
इस पर फरवरी 2016 में इस्टीमेट तैयार कर लखनऊ भेजा। वहां कई आपत्तियां जताई तो उनका निराकरण कर वित्तीय वर्ष 2016-17 के तहत सितंबर में पुन: इस्टीमेट भेजा गया। इसमें 42.180 किमी सड़क को फोरलेन में तब्दील करने के लिए 300 करोड़ 42 लाख 47 हजार रुपये की लागत का आंकलन किया गया। मुख्य अभियंता कानपुर के बाद प्रमुख अभियंता लखनऊ के दफ्तर में कार्ययोजना पहुंची, लेकिन ठोस सियासी पैरवी के अभाव में यह प्रोजेक्ट फाइलों में कैद होकर रह गया।
डिवाइडर के बाईं व दाईं ओर सात-सात मीटर की डामरीकृत लेयर डाली जाएगी।
सड़क के दोनों तरफ एक से डेढ़ मीटर चौड़ा फुटपाथ बनेगा।
कसबा खुदागंज के अलावा कमालगंज में 5 किमी लंबा बाईपास निकाला जाएगा। इसके लिए जमीन अधिग्रहण होगा। किसानों को जमीन के बदले मुआवजा मिलेगा।
स्थानीय स्तर पर कोई देरी नहीं है। फोरलेन संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी व धन का आवंटन शासन से होना है। स्वीकृति व धनराशि मिलते ही सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू करा दिया जाएगा। बेहद व्यस्ततम यह रोड चौड़ा होने पर जाम की समस्या खत्म हो जाएगी।
विकास जौहरी, एई पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड।