फोटो-18, मुख्य मार्ग पर बग्घी पर विराजमान श्री राम समेत चारो भाई।संवाद
कमालगंज। रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित लीला कार्यक्रम में बुधवार को जानकी जन्म लीला का मंचन हुआ। लोगों ने देवी के स्वरूप के दर्शन कर जयकारे लगाए।
रामलीला मैदान में लीला प्रसंग अनुसार मिथिला नगरी में अकाल पड़ा। ऋषियों के परामर्श से मिथिला नरेश राजा जनक ने अपनी पत्नी सहित खेत में हल चलाया। दौरान घड़े में माता जानकी बाल रूप में प्रकट हुईं। माता जानकी के प्रकट होते ही सीता माता की जय जयकार गूंज उठी।
इससे पहले बग्घी पर सवार चारों भाइयों श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शुत्रघ्न की सवारी बैंड-बाजे के साथ मुख्य मार्ग पर निकली। माता जानकी का स्वरूप कुनाल ने धरा। राजा जनक की भूमिका आचार्य लक्ष्मीकांत दुबे ने की। रामलीला कमेटी संरक्षक केशव गुप्ता, सतीश माहौर, सजल गुप्ता भी मौजूद रहे।
सायंकाल रेलवे तिराहे पर अग्रवाल सदन में दिनेश चंद्र अग्रवाल, जोगेश चंद्र, पंकज अग्रवाल, पवन अग्रवाल, सौरभ आदि ने स्वरूपों का पूजन कर भोग अर्पित किया और आरती की।