फर्रुखाबाद। मेला रामनगरिया के दौरान जनवरी माह में बनाए गए पैंटून पुल की दशा दयनीय हो गई है। पुल का पीपा गंगा के पानी में डूबने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
भीषण गर्मी के दौरान गंगा पुल पर जाम लगने से छोटे वाहनों को निकलने का एक मात्र सहारा, यह पुल धंसने से दिक्कत बढ़ गई है। इससे चार पहिया वाहनों का निकलना बंद हो गया है।
जनवरी माह में मेले में जाने और आने के लिए पीडब्ल्यूडी की ओर से पुरानी घटिया पर पैंटून पुल बनाया गया था। मेले के दौरान ही जलस्तर बढ़ने से पुल क्षतिग्रस्त हुआ। इसके बाद विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर ठेकेदार ने मरम्मत करा दी। पुल में लगाए गए पीपे नीचे से गले होने के कारण इनमें पानी भरने लगा। पांचाल घाट पुल पर जाम लगने के दौरान दो पहिया और चार पहिया वाहन इससे गुजरने लगे। पुल की सुरक्षा के लिए तैनात चौकीदार ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
दो दिन पहले पुल में लगा एक पीपा पानी में बैठ गया। इससे गंगा के बीच में पुल धंस गया। पैंटून पुल धंसने से चार पहिया वाहन चालकों ने यहां से निकलना स्वत: ही बंद कर दिया। वहीं दो पहिया वाहन चालक अभी भी धड़ल्ले से गुजर रहे हैं। इन्हें रोकने की जहमत नहीं उठाई जा रही। अगर पैंटून पुल की यही हालत रही तो किसी भी दिन हादसा होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। पुल की सुरक्षा के लिए तैनात चौकीदार ने बताया कि उसने तो ठेकेदार को सूचना दी है। पैंटून पुल की मरम्मत और पीपे में भरा पानी कब निकाला जाएगा, इस पर वह चुप्पी साध गया।
पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता अशोक यादव ने बताया कि पंपिंग सेट भेजकर पीपे में भरे पानी को निकलवाने के निर्देश ठेकेदार को दिए हैं। पुल पांच से 10 जून तक बना रहेगा। इसके बाद गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण इसे खुलवा दिया जाएगा।