दिवाली का पर्व नजदीक आते ही जिले में आतिशबाजी को लेकर बारूद का स्टाक चोरी छिपे आने लगा है। वहीं फुटकर दुकानदारों ने भी घरों में छिपाकर रखे पिछले साल के बचे स्टाक को बाहर निकालना शुरू कर दिया है। आतिशबाजी चोरी छिपे बेची जा रही है। दिवाली को देखते हुए फुटकर दुकानदारों ने ब्रांडेड व देसी आतिशबाजी की बुकिंग भी शुरू कर दी है। वह लाइसेंस बनवाने के लिए अभी से जुगाड़ लगाने लगे हैं।
शहर क्षेत्र में पटेल पार्क, क्रिश्चियन इंटर कालेज मैदान, गुरुगांव देवी मंदिर के पास, मॉर्डन पब्लिक स्कूल रेलवे रोड के पास और कादरी गेट ओपी लान के पास समेत नौ स्थानों पर फुटकर आतिशबाजी की दुकानें लगाई जाएंगी। इसको लेकर दुकानदारों ने थोक विक्रेताओं के यहां आतिशबाजी की बुकिंग शुरू कर दी है। कई दुकानदारों के यहां तो पिछले साल की बची हुई आतिशबाजी का स्टॉक है। तो वहीं कई आतिशबाजी कारीगरों ने आतिशबाजी बनानी शुरू कर दी है। इनके बाद बारूद कहां से आया। वहीं शहर में कई अन्य स्थानों पर भी आतिशबाजी के लिए पटाखों के ढेर लगने लगे है।
इधर फुटकर दुकानदारों का कहना है कि दिवाली को देखते हुए उन्होंने ब्रांडेड और देशी आतिशबाजी की बुकिंग कर दी है। पैसे भी एडवांस दे दिए हैं। धनतेरस से एक दिन पहले लाइसेंस जारी कर दुकान का नंबर दिया जाता है। लाइसेंस मिलने के बाद संबंधित जगह पर एलाट किए गए नंबर पर टिनशेड आदि डालकर अस्थायी दुकान बनाते हैं। सुरक्षा के लिए बालू, पानी और फायर फाइटर आदि भी रखते हैं। दुकान बनने के बाद बुकिंग की गई आतिशबाजी सीधे यहीं लाकर बेचते हैं। हालांकि पिछले साल की बची हुई ब्रांडेड आतिशबाजी घर में ही रखते हैं, उसे भी वह दुकान पर लाकर बेचेंगे। ब्रांडेड आतिशबाजी ही स्टॉक में रख सकते हैं क्योंकि देशी आतिशबाजी खराब हो जाती है।
बिना अनुमति बेचने वालों पर करें कार्रवाई
फर्रुखाबाद। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने शनिवार को सभी थानाध्यक्षों और कोतवाली के निरीक्षकों को बिना अनुमति के आतिशबाजी बेचने व भंडारण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। थानाक्षेत्रों ने निगरानी बनाएं रखें।
अस्थाई लाइसेंस बनवाने का दलाल लेते हैं ठेका
फुटकर दुकानदारों का कहना है कि दिवाली पर अस्थाई आतिशबाजी बेचने का लाइसेंस बनवाना काफी टेढ़ी खीर होता है। लाइसेंस बनवाने के लिए कई चक्कर कलक्ट्रेट के लगाने पड़ते हैं। दौड़भाग से बचने के लिए फुटकर दुकानदार आवेदन करने के बाद इन लोगों को ही लाइसेंस बनवाने का ठेका दे देते हैं। फुटकर दुकानदारों का कहना है कि अब तो थोक विक्रेता भी फुटकर में आतिशबाजी बेचने लगे हैं, जिससे दुकानदारी में फर्क पड़ता है। (ब्यूरो)
आतिशबाजी अस्थाई लाइसेंस बनवाने की यह है प्रक्रिया
दिवाली पर आतिशबाजी की अस्थाई दुकान का लाइसेंस बनवाने के लिए एक प्रार्थना पत्र लिखकर नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय में देना होगा। इसके साथ आधार कार्ड की फोटो कापी, तीन फोटो और तीन चालान फार्म भी देने होंगे। नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय से चालान भरवाने और उस पर मुहर लगवाने के बाद दो हजार रुपये फीस स्टेट बैंक में जमा करनी होगी। संबंधित थाना, सीओ और दमकल विभाग से रिपोर्ट लगवानी होगी। तब नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय से अस्थाई दुकान लगाने का लाइसेंस जारी किया जाएगा।
12 देसी पटाखा बनाने वालों के लाइसेंस निरस्त के लिए भेजा
फर्रुखाबाद। देसी पटाखा बनाने वाले 12 लोगों के लाइसेंस निरस्त करने के लिए पत्रावली दमकल विभाग ने डीएम को भेज दी है। दमकल प्रभारी रामसजीवन ने बताया कि जिन लोगों के लाइसेंस निरस्त करने के लिए भेजा गया है। उनमें अधिकांश लोगों की मौत हो चुकी है। इसके साथ ही कुछ लोगों ने कई सालों से नवीनीकरण नहीं कराया। ब्यूरो