फर्रुखाबाद। अवैध खनन कर मिट्टी ले जा रहे ट्रैक्टर से कुचल कर मंगलवार को युवक की मौत के बाद हुए बवाल में पुलिस की ओर से दर्ज मुकदमेे के बाद गांव के लोग दहशत में हैं। पुलिस कार्रवाई के डर से ग्रामीणों ने मंगलवार को गांव के बाहर खेतों में रात गुजारी। पुलिस ने लाठी-डंडों की जगह तमंचे और बंदूक से फायरिंग की रिपोर्ट दर्ज की है। वहीं, पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को चंदन का शव गंगा में प्रवाहित कर दिया गया।
फतेहगढ़ कोतवाली के गांव कीरतपुर निवासी चंदन उर्फ कृष्ण कुमार मंगलवार की सुबह फतेहगढ़ स्टेशन से गांव के युवक को छोड़ कर लौट रहा था। सेंट्रल जेल टिकुरियन नगला रोड पर अवैध खनन कर मिट्टी लदे ट्रैक्टर से कुचल कर मौत हो गई थी। हादसे के बाद गांव के लोगों ने इटावा बरेली हाईवे जाम कर पुलिस पर हमला बोल दिया था। जवाब में पुलिस ने फायर किए थे और रबर की गोलियां चलाई थीं।
इस मामले में शहर कोतवाल शिवमोहन सिंह ने 6 नामजद समेत 60 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के बाद पुलिस की कार्रवाई के डर से गांव के लोग फरार हो गए। इन्हाेंने रात गांव के बाहर गुजारी। पुलिस ने मृतक के चचेरे भाई जितेंद्र दिवाकर का बुधवार को चालान कर दिया। पूरे गांव में पुलिस का खौफ नजर आ रहा है। गांव की महिलाओं का कहना था कि शाम होने के बाद घर के लोग रात गुजारने के लिए दूसरे स्थान पर सोने चले गए थे। हालांकि रात में पुलिस का छापा नहीं पड़ा था।
जाम के दौरान पुलिस ने छोटी बेटी को फेंक दिया था
मृतक की मां ने बताया कि जाम के दौरान पुलिस कर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। सबसे छोटी बेटी शिवानी को पकड़ कर पुलिस ने फेंक दिया था। पुलिस ने उन लोगों की वीडियोग्राफी कराई लेकिन जो उन लोगोें ने किया उसकी वीडियोग्राफी नहीं कराई। महिलाओं ने बताया कि पुलिस ने उनके पक्ष से फायर करना रिपोर्ट में दर्ज कराया है। यह गलत है। फायरिंग पुलिस ने की, गांव के लोगाें ने नहीं।
जिला पंचायत सदस्य ने दिए 50 हजार रुपये
फर्रुखाबाद। कीरतपुर निवासी चंदन की सड़क हादसे में मौत के बाद गांव बढ़पुर ब्लाक के जिला पंचायत सदस्य विजय कुमार यादव बुधवार को अपने समर्थकों के साथ परिजनों को ढांढस बंधाने गांव पहुंचे। उनके घर की हालत देख एक समर्थक को घर भेज कर रुपये मंगाए और मृतक की मां मायारानी को 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी। इसके साथ ही विजय ने परिवार के लोगों को भरोसा दिलाया कि वह उनकी हर संभव मदद करेंगे।
लेखपाल ने दुर्घटना बीमा दिलाने की कवायद शुरू की
फर्रुखाबाद। कीरतपुर के लेखपाल रवींद्र वर्मा ने कृषक दुर्घटना बीमा योजना के लिए अभिलेखों के बारे में पूछताछ की। बताया कि इस बीमा योजना के क्लेम केे लिए पंचनामा, पोस्टमार्टम की कापी, और मृत्यु प्रमाण पत्र की जरूरत होगी। यह कार्रवाई 3 से 4 दिनों के भीतर हो जाएगी। बजट आने के बाद खाते में पैसा आ जाएगा। मायारानी के पास पौने दो बीघा खेती है।
बालू खनन की इजाजत नहीं
फर्रुखाबाद। जिले में अवैध खनन का बड़ा कारोबार है। इसे रोकने के लिए जिला प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। जिले में बालू खनन का ठेका नहीं है। इसके लिए परमीशन भी नहीं मिलती है। मिट्टी के खनन के लिए एडीएम परमीशन देते हैं। खनन के लिए 12 रुपये प्रति घन मीटर शुल्क खनिज विभाग के एकाउंट में जमा होता है। माफिया खनन के लिए शुल्क जमा नहीं करते हैं। इससे जिले में रोज 8 से 10 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। इस खनन में बालू भी शामिल है। कीरतपुर, अलादादपुर, सलखनापुर, याकूतगंज, खानपुर, शाह जी की विश्रातों, अमेठी जदीद, हैवतपुर गढ़िया, चिलसरा, बरौन के अलावा कंपिल, कायमगंज, शमसाबाद व कमालगंज में भी बालू और मिट्टी का अवैध खनन हो रहा है। मामला फंसने पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी सक्रिय रहते हैं। इसके बाद फिर से धंधा शुरू हो जाता है।