भाजपाइयों ने दिए ज्ञापन में कहा है कि 13 अगस्त को शहर कोतवाली के अंदर अराजकतत्व हथियार लेकर घुस गए थे। कोतवाली गेट पर हुई फायरिंग के बाद दो समुदायों में विवाद हो गया और पथराव व फायरिंग की घटना हुई। इस घटना में पुलिस उन लोगों को आरोपी बना रही है, जिनके बाजार में बधाइयों के होर्डिंग लगे हुए हैं।
निर्दोष, गरीबों के घरों में पुलिस दबिश दे रही है। लेकिन जो लोग घटना के दिन हथियार लहरा रहे थे और पथराव कर रहे थे। उन लोगों को पुलिस ने अभी तक गिरफ्तार नहीं किया है। स्थानीय पुलिस जांच में भेदभाव कर रही है। इस कारण जनहित में घटना की किसी एजेंसी या मजिस्ट्रेट से जांच कराई जाए। इस दौरान मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, नवाब सिंह राजपूत, संजीव गुप्ता, हिमांशु गुप्ता, प्रबल त्रिपाठी, नरेंद्र राठौर, रिंकू दुबे, आशुतोष अवस्थी, शिवांग रस्तोगी, अखिलेश शुक्ला, दीपक दुबे और अभिषेक त्रिवेदी आदि मौजूद रहे।
उधर, उत्तर प्रदेश व्यापार प्रतिनिधि मंडल की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि जिन दो पक्षों के विवाद से अशांति फैली है। वह लोग आपस में समझौता कर अपनी-अपनी एफआईआर वापस लेने के प्रयास में हैं। अगर दोनों पक्षों की ओर से लिखाई गई एफआईआर पर समझौता होता है तो उचित नहीं होगा। इससे लोगों में आक्रोश बना रहेगा और नगर में शांति सद्भाव एकता होने में संदेह रहेगा।
इस कारण समझौता इस शर्त के साथ किया जाए कि भविष्य में जो कोई पक्ष नगर में शांतिभंग करता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने घटना की मजिस्ट्रेटियल जांच कराई जाए। ताकि निर्दोष फंसने से बच सकें। इस दौरान अरुण प्रकाश तिवारी ददुआ, मुन्ना लाल गुप्ता, संजीव सिंह, सौरभ भारद्वाज, अजय मेहरोत्रा समेत कई व्यापारी नेता मौजूद रहे।