फर्रुखाबाद। तीन दिवसीय कार्य से विरत रहने के निर्णय पर पुन: विचार के लिए आम सभा की बैठक न बुलाए जाने के विरोध में वकील सदन के फैलने के विरोध में उतर आए हैं। वकीलों के एक धड़े ने बुधवार को प्रभारी जिला जज से मुलाकात कर ज्ञापन दिया। इसमें गुरुवार से अदालतों काम करने की बात कहकर अधिकारियों को अदालतों में बैठने के लिए निर्देश देने की मांग की है।
लाला लक्ष्मीनरायण चेरिटेबिल इंडाउमेंट ट्रस्ट की जमीन का पट्टा कराए जाने के मामले में जिला बार एसोसिएशन के महा सचिव संजीव पारिया, अधिवक्ता गोधन लाल समेत तीन के खिलाफ मऊदरवाजा थाने में रिपोर्ट लिखाई गई थी। रिपोर्ट फर्जी बताकर वापस लिए जाने का दबाव बनाने के लिए मंगलवार को आम सभा की बैठक में हुए हंगामे के बाद 15 जनवरी तक न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया गया था।
बुधवार को नाराज वकीलों ने प्रभारी जिला जज से मुलाकात कर ज्ञापन दिया। इसमें कहा गया कि बार एसोसिएशन के निर्णय के विरोध में कई अधिवक्ता गुरुवार से अदालतों में न्यायिक कार्य करेंगे। इसलिए न्यायिक अधिकारियों को अदालतों में बैठने और मुकदमों की सुनवाई किए जाने के लिए निर्देश की मांग उठाई है।
इस दौरान पूर्व अध्यक्ष जवाहर सिंह गंगवार, नरेश सिंह यादव, योगेंद्र सिंह तोमर, मनोज कुमार कटियार, प्रेमपाल सिंह वर्मा, धर्मवीर सिंह गौतम राजीव बाजपेई, हरिओम राजपूत, अखिलेश कुमार शुक्ला, अभिषेक कुमार सक्सेना, अशोक कुमार वाथम, भुवन चौहान, एसके मिश्र, मनीष कुमार, के के बाथम, योगेश कुमार सिंह, सतेन्द्र सिंह रापजूत, कौशलेंद्र यादव समेत कई अधिवक्ता मौजूद रहे।