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Farrukhabad News: एसपी व दो एसएचओ के खिलाफ 24 को सुनवाई करेगा किशोर न्याय बोर्ड

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फर्रुखाबाद। पॉक्सो कोर्ट के आदेश पर किशोर न्याय बोर्ड अब 24 मार्च को सुनवाई करेेगा। कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक सहित दो एसएचओ के खिलाफ बीएनएस की धारा 229 के तहत कार्रवाई के आदेश दिए।
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पुत्री के साथ सामूहिक दुष्कर्म, कोर्ट में गलत साक्ष्य प्रस्तुत करने, पति की मौत के बाद भी सुनवाई न होने से पीड़िता ने पाक्सो कोर्ट में गुहार लगाई थी। कोर्ट ने सवा महीने तक सुनवाई कर पीड़ित पक्ष की दलीलें सुनीं। न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह ने पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी, मऊदरवाजा थाना के निवर्तमान थानाध्यक्ष कामता प्रसाद व वर्तमान थानाध्यक्ष बलराज भाटी के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश किशोर न्याय बोर्ड को दिए थे। पॉक्सो कोर्ट के आदेश के बाद अब 24 मार्च को इस मामले मेंं सुनवाई की जाएगी।
शुक्रवार को पीड़िता की मां कचहरी पहुंंचीं। अपने अधिवक्ता सुरेंद्र शुक्ला के पास पहुंचकर उन्होंने पुलिस पर धमकाने का आरोप लगाया। कहा कि क्षेत्राधिकारी नगर ने उसे अपने कार्यालय बुलाया। जब उसने कार्यालय पहुंचने से मना किया तो वह स्वयं पुलिस बल के साथ घर पहुंचे। पीड़िता की मां से पति की हत्या के आरोपी के नाम से तहरीर देने के लिए कहा। तहरीर देने से मना करने पर धमकी भी दी। महिला ने बताया कि पुलिस से न्याय की उम्मीद नहीं है। वह न्यायालय की शरण लेंगी।
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धमकी नहीं, मामले की जांच करने गए थे : सीओ सिटी
पीड़िता के अधिवक्ता सुरेंद्र शुक्ला ने बताया कि पुलिस निरंकुश हो गई है। खुद पर बीती तो बौखला गई। पीड़िता व उसकी मां को धमकी दी जा रही है। मामले से न्यायालय को अवगत करा दिया गया है। पीड़िता व उसकी मां को सुरक्षा के आदेश देने के बाद भी पुलिस ने सुरक्षा प्रदान नहीं की। मुकदमे की पैरवी के दौरान पुलिस ने उन्हें धमकी दी थी। अधिवक्ता सुरेंद्र शुक्ला ने कहा कि उन्हें न्याय पालिका पर पूरा भरोसा है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने पीड़िता व उसकी मां को सुरक्षा देने के लिए मुख्यमंत्री व सचिव को पत्र भेजा है। वहीं, सीओ सिटी एश्वर्या उपाध्याय ने बताया कि वह मामले में पीड़िता के घर जांच करने गई थीं। धमकाने का आरोप गलत है। पुलिस जनता की सहायता के लिए है। बताया कि पीड़िता से प्रार्थना पत्र देने के लिए कहा तो उसने मना कर दिया। पीड़िता की मां के बयान की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।


बार एसोसिएशन अध्यक्ष व सचिव ने अधिवक्ता को दी बधाई
गलत साक्ष्य देने और लापरवाही बरतने के मामले में एसपी सहित दो थाना प्रभारियों पर 229 बीएनएस के तहत कार्रवाई के आदेश होने के बाद कचहरी में पीड़िता के अधिवक्ता सुरेंद्र शुक्ला को सम्मानित किया गया। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शशिभूषण दीक्षित व महासचिव कुंवर सिंह यादव सहित अनेक अधिवक्ताओं ने सुरेंद्र शुक्ला को माला पहनकर बधाई दी। कहा कि वकील का काम ही अपने मुवक्किल को न्याय दिलाना है। अगर अधिवक्ता साथी को मुकदमे में पैरवी करने पर धमकी मिलती है तो बार एसोसिएशन उसका खुलकर विरोध करेगा।

अभिलेखों में मानवीय त्रुटि जांंच योग्य : एसपी
-पूर्व थानाध्यक्ष पर अनुचित आचरण पर हो चुकी कार्रवाई
-पूरे प्रकरण में जिला जज को पत्र भेजकर दी गई थी जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। रेप पीड़िता के मामले में पॉक्सो कोर्ट के निर्णय पर एसपी आलोक प्रियदर्शी ने निराशा जाहिर की। कहा कि इसमें तथ्य छिपाने जैसा कुछ नहीं रहा। मानवीय त्रुटि और थाना स्तर की खामियों पर लगातार कार्रवाई की गई है। मामले में थानास्तर पर जो भी दोषी होगा, उस पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
किशोर न्याय बोर्ड से साक्ष्य छिपाने के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने दो थानाध्यक्षों समेत पुलिस अधीक्षक पर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। एसपी ने बताया कि पूरे प्रकरण में कानून का अनुपालन करते हुए कार्रवाई की गई है। मामले में पहले छेड़छाड़ की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई। पीड़िता के बयान के आधार पर गैंगरेप की धाराओं की बढ़ोतरी कर चार्जशीट दाखिल की गई थी। निवर्तमान थानाध्यक्ष मऊदरवाजा कामता प्रसाद को इस प्रकरण में अनुचित आचरण का दोषी पाते हुए कार्रवाई की गई। वहीं, जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित की तरफ से दिए गए प्रार्थना पत्र में कहीं भी मेरा नाम नहीं लिया गया है। इस संदर्भ में कानून का पालन करते हुए प्रकरण को गंभीरता से लिया जा रहा है। वहीं, कृत कार्रवाई से कोर्ट को भी अवगत कराया जा रहा है।
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