कमालगंज। कसबे के गांव राजेपुर सरायमेदा निवासी 45 वर्षीय महिला को दो अप्रैल की रात 9 बजे ब्रेन हैमरेज हो गया था। तीन अप्रैल को आगरा के पारस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वहां उनकी सोमवार को मौत हो गई। उसी दिन अस्पताल में कोरोना वायरस से 22 लोगों के संक्रमित मिलने से महिला का शव परिजनों को नहीं दिया गया। वहीं महिला के 50 वर्षीय पति को आगरा में ही क्वारंटीन कर दिया गया। परिजनों के भी आगरा आने की जिला प्रशासन को सूचना दी गई। मंगलवार को एसडीएम सदर अनिल कुमार व डिप्टी सीएमओ डॉ. राजीव शाक्य राजेपुर सरायमेदा पहुंचे। एंबुलेंस से महिला के छह परिजनों को मिशन हॉस्पिटल फर्रुखाबाद में बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में भिजवाया।
मिशन अस्पताल के आइसोलेेशन वार्ड में भेजे गए महिला के परिजनों में पुत्र, पुत्री, मामा आदि शामिल हैं। आगरा के पारस अस्पताल में आइसोलेशन में रखे गए महिला के पति ने फोन पर बताया कि हाई ब्लड प्रेशर से दो अप्रैल की रात पत्नी का ब्रेन हैमरेज हुआ था। तीन अप्रैल को आगरा लाकर अस्पताल में भर्ती कराया। दस अप्रैल को कोरोना की जांच के लिए चेकअप हुआ था। इसकी 13 अप्रैल को रिपोर्ट निगेटिव आई थी। सोमवार सुबह 7 बजे ही उनकी मौत हो गई। आगरा प्रशासन ने शव नहीं दिया। आगरा में ही दफना दिया गया। उन्होंने बताया कि सोमवार को परिवार व गांव के जो छह लोग अस्पताल में आ रहे थे। वह आगरा भी नहीं आ पाए रास्ते से ही उन्हें पुलिस ने लौटा दिया। अभी उनका सैंपल जांच को नहीं लिया गया। उन्हें खांसी, जुकाम आदि के कोई लक्षण नहीं हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी सोमेश अग्निहोत्री ने बताया कि आगरा से लौट कर आए सभी छह लोगों को एंबुलेंस से मिशन हॉस्पिटल फर्रुखाबाद के आइसोलेशन वार्ड में भिजवा दिया गया है।