फोटो-19, गंगा की धारा में समाए विधवा हाकिम जादी के पास के मकान को देखते ग्रामीण। संवाद
शमसाबाद (फर्रुखाबाद)। गंगा की तेज धार एक बार फिर तटवर्ती गांवों के लिए कहर बनी है। सोमवार देर रात आईं तेज लहरें पैलानी दक्षिण गांव में कई झोपड़ियां बहा ले गईं।
इसी दौरान महिला हाकिमजादी का मकान भी गंगा में समा गया। घटना से गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीण रातभर जागकर गंगा की ओर टकटकी लगाए रहे। गंगा की बढ़ी कटान रेखा के चलते गांव के किनारे बने मकान खतरे में हैं।
तेज धार की चपेट में आकर जरीफ, राज मोहम्मद, वसीम और रईस की झोपड़ियां भी नदी में समा गईं। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई दिनों से गंगा लगातार कटान कर रही, लेकिन सोमवार रात को स्थिति और गंभीर हो गई। कटान से भयभीत ग्रामीण अब गांव छोड़ने को मजबूर हैं। गृहस्वामी हाकिमजादी सहित प्रभावित परिवारों ने सड़क किनारे अस्थायी डेरा बनाकर शरण ली है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर गंगा की धार इसी तरह तेज रही तो आने वाले दिनों में पूरा गांव खतरे में पड़ सकता है। ग्राम प्रधान जुबैर की सूचना पर लेखपाल कप्तान सिंह मौके पर पहुंचे और प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि मकानों और झोपड़ियों के नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। राहत के लिए इसे शासन को भेजा जाएगा।