नवाबगंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में जिस वक्त व्यापारी नन्हें लाल गुप्ता को ले जाया गया, उस समय अस्पताल में ड्यूटी डॉक्टर नदारद थे। अस्पताल फार्मासिस्ट व वार्ड बॉय के सहारे चलता मिला।
कर्मियों ने तीन सिलिंडर भरने के लिए भेजने की बात स्वीकारी। वहीं एक महीने में चार सिलिंडर खर्च होने की जानकारी दी। इस दौरान व्यापारी की मौत के बाद हंगामा होने से सीएचसी प्रभारी की सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची।
कस्बा स्थित थाने के पास निवासी जूता व ऊन व्यापारी नन्हें लाल गुप्ता (61) की मंगलवार शाम अचानक हालत बिगड़ गई। श्वांस लेने में दिक्कत की शिकायत पर सीएचसी ले जाया गया।
वहां ऑक्सीजन न मिलने से कुछ ही देर में उनकी सांसें थमती चली गईं। दूसरा ऑक्सीजन लगाने की बात कहने पर अस्पताल स्टाफ ने कहा कि सिलिंडर खाली हैं, इसी को लेकर परिजन हंगामा करने लगे। उन्होंने वार्ड बॉय से हाथापाई कर दी।
मामला बिगड़ता देख फार्मासिस्ट सर्वेश श्रीवास्तव की सूचना पर सीएचसी प्रभारी लोकेश शर्मा ने थानाध्यक्ष अवध नारायण पांडेय को अस्पताल में विवाद होने की जानकारी दे दी। कुछ ही देर में एक दरोगा और सिपाही अस्पताल पहुंचे।
हालांकि इससे पहले ही फार्मासिस्ट ने व्यापारी को रेफर करके एंबुलेंस से लोहिया अस्पताल भेज दिया।
उधर, परिजनों का गुस्सा देख एंबुलेंस का ईएमटी भी घबरा गया। उसने जिला प्रोग्राम मैनेजर विजय सिंह चौहान को घटनाक्रम की जानकारी दे दी। ईएमटी ने जब नन्हें लाल गुप्ता का ऑक्सीजन लेबल और पल्स रेट देखा, तो शून्य था। मगर चुपचाप ऑक्सीजन लगाकर लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचा। वहां परिजन रोते रहे।
फोटो-31 व्यापारी की मौत के बाद सीएचसी में पर मौजूद पुलिस कर्मी। संवाद