लेटेस्ट मोबाइल फोन, हाई स्पीड, लग्जरी गाड़ियां और स्पोर्ट्स बाइक पर सवार होकर हाइवे पर लूट करते लुटेरे और उनका पीछा करने में लगी पुलिस की ‘खटारा’ जीप...ये किसी फिल्म का सीन नहीं बल्कि हाइवे की हकीकत है। पुलिस के ढुलमुल रवैये और खस्ताहाल ‘सुविधाओं’ के चलते चोरों के हौसले बुलंद हैं। यही वजह है 25 दिनों के भीतर लूट की आठ घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें सात घटनाएं दिन की हैं।
हाईवे की सुरक्षा के लिए जिले में तीन गाड़ियां चलाई जाती हैं। इनमें एक गाड़ी कमालगंज से कन्नौज बार्डर, कायमगंज से एटा बार्डर और मोहम्मदाबाद से मैनपुरी बार्डर पर रात्रि 8 से सुबह 4 बजे तक चलती हैं। लेकिन इन गाड़ियों की दशा खस्ताहाल है। सालों से मेनटेनेंस नहीं होता। इसके चलते गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो गई है। इसके अलावा बरेली हाईवे पर राजेपुर से थाने की जीप रात्रि गश्त करती है।
लेकिन इसके बावजूद अपराधी हाईवे पर घटनाओं को अंजाम देने के बाद बड़े आराम से लग्जरी गाड़ियों और हाईस्पीड बाइकों से भाग जाते हैं। दिन में सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिले की पुलिस में चीता मोबाइल, लैफर्ड के अलावा पिकेट पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था सौंपी गई है। जब पुलिस दिन में होने वाली लूट की घटना करने वालों को नहीं पकड़ पाती है तो रात में घटना करने वाले को पुलिस खटारा गाड़ियों से कैसे पकड़ पाएगी।
25 दिनों के भीतर जिले में 8 लूट की घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें नवाबगंज-मोहम्मदाबाद रोड पर सुरेश यादव से बदमाश मोहम्मदाबाद जाते समय मारपीट कर बाइक लूट ले गए थे। यह वारदात रात में हुई थी। इसके अलावा सात घटनाएं जिले में दिनदहाड़े बाइक सवार लुटेरों ने कीं। किसी से कुंडल तो किसी का पर्स लूटकर लुटेरे भाग गए।