कंपिल। प्रसव पीड़ा से कराहती गर्भवती को लेकर परिजन आठ घंटे तक भटकते रहे, लेकिन सीएचसी कंपिल व एफआरयू कायमगंज में उसे भर्ती नहीं किया गया। स्टाफ के कहने पर आशा गर्भवती को निजी अस्पताल लेकर पहुंची तो 12 हजार रुपये न होने पर वहां से भी उसे लौटा दिया गया। आखिरकार गर्भवती को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।
क्षेत्र के गांव शाहपुर निवासी कल्याण सिंह की पत्नी सिया देवी को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन शनिवार भोर करीब चार बजे एंबुलेंस से लेकर सीएचसी कंपिल पहुंचे। दर्द से कराहती गर्भवती की बाहर से जांच कराई गई और इसके बाद भर्ती न कर उसे बिना दवाई दिए ही सीएचसी कायमगंज रेफर कर दिया। परिजन सुबह करीब 11 बजे गर्भवती को लेकर सीएचसी कायमगंज पहुंचे। यहां भी एक घंटा बिताया, लेकिन इलाज नहीं मिला। स्टाफ नर्स ने प्रसव में देरी होने की बात कहकर शाम को आने की सलाह दी। इस पर परिजन फिर गर्भवती को लेकर सीएचसी कंपिल पहुंचे। वहां मौजूद स्टॉफ के कहने पर आशा उसे कस्बा के रुदायन रोड स्थित निजी अस्पताल ले गए। वहां 12 हजार रुपये मांगे गये। रुपये के अभाव में परिजन फिर गर्भवती को लेकर सीएचसी कंपिल पहुंचे। डॉक्टर से मिन्नत की गई तब रेफर कर लोहिया अस्पताल भेजा गया। वहां उसे भर्ती करवाया गया है। पति कल्याण सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार रात भी अस्पताल आये थे, लेकिन कोई इलाज नहीं दिया गया। कायमगंज सीएचसी डॉ. विपिन ने बताया मामले की जानकारी कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
गर्भवती का नहीं कराया गया अल्ट्रासाउंड
कंपिल। पति कल्याण सिंह ने बताया की गर्भवती पत्नी सिया देवी को खून की कमी बताई गई। सीएचसी से पत्नी का एक भी सरकारी अल्ट्रासाउंड नहीं कराया गया। अपने पास से रुपये खर्च कर अल्ट्रासाउंड करवाए। जबकि प्रत्येक गर्भवती का तीसरे व सातवें माह दो नि:शुल्क अल्ट्रासाउंड कराने के आदेश हैं। कायमगंज सीएचसी प्रभारी डॉ. विपिन कुमार ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। लापरवाही या अनियमितता मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।