जिले भर में 17 हजार 316 शस्त्रधारकों का सत्यापन करके उन्हें रजिस्ट्रेशन नंबर जारी कर दिया गया है। कोई भी शस्त्र लाइसेंस निरस्त होने के यहां कोई आसार नहीं हैं। बाहर से बनवाए गए शस्त्र लाइसेंसों के सत्यापन यदि विलंब से मिलते हैं तो उन्हें भी पंजीकृत करके नंबर जारी कर दिया जाएगा।
गौरतलब है कि 31 मार्च तक शस्त्र लाइसेंसों का सत्यापन न होने पर उनके निरस्तीकरण की बात कही गई थी। इसके लिए यहां शस्त्र लाइसेंस धारकों ने अपने-अपने शस्त्रों के लाइसेंसों को सत्यापन कराकर औपचारिकताएं पूरी कर दीं। आयुध लिपिक वीरेंद्र कटियार के अनुसार जिले से 17 हजार 316 शस्त्र लाइसेंस अब तक जारी किए गए हैं। इन सभी शस्त्र धारकों के लाइसेंस रजिस्टर्ड करके उन्हें नंबर जारी कर दिया गया है।
उनका कहना है कि 30 और 31 मार्च में सबसे ज्यादा शस्त्र लाइसेंस धारकों ने सत्यापन कराया। बाहर से बनाए गए शस्त्र लाइसेंसों का सत्यापन कई महीने पहले करा लिया गया था। जिन लाइसेंसों का सत्यापन नहीं हुआ था। वह करीब 45 लाइसेेंस तीन साल पहले ही निरस्त कर दिए गए थे और शस्त्र लाइसेंस धारकों के विरुद्घ कार्रवाई भी प्रस्तावित की गई थी। जिले में कोई भी शस्त्र लाइसेंस निरस्त नहीं होगा। सभी शस्त्र लाइसेंस रजिस्टर्ड कर दिए गए हैं।
आयुध प्रभारी नगर मजिस्ट्रेट, शिवबहादुर सिंह ने कहा कि जिले का कोई भी शस्त्र लाइसेंस निरस्त नहीं किया जाएगा। यदि विलंब से भी सत्यापन प्राप्त हो जाएगा तो उन्हें रजिस्टर्ड करके नंबर दे दिया जाएगा। बाहर से बनवाए गए लाइसेंसों के मालिक अपना सत्यापन पेश करें। उनका सत्यापन कर दिया जाएगा।