माघ मास की पूर्णिमा को गंगा स्नान करने का अलग ही महत्व है। पूर्णिमा पर गंगा में डुबकी लगाने के लिए हजारों की संख्या में आसपास के जिलों से श्रद्धालु शुक्रवार को पांचाल घाट पहुंचे। भोर होते ही सबसे पहले गंगा में डुबकी लगाने की होड़ मची रही। गंगातट पर स्नान को देखते हुए हाईमास्ट लाइटें लगाई गई थीं।
श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए पुलिस ने कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए थे। पुल के दोनों ओर यूपी डायल 100 की गाड़ियां खड़ी रहीं। भीड़ के चलते बड़े वाहनों को गुजरने में काफी दिक्कत हुई। श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान कर पूजन-अर्चन किया। मनौती पूरी होने पर गंगा की पहनावन की गई। वहीं भगवान सत्यनारायन की कथा कराकर प्रसाद बांटा।
लखीमपुर के थाना पसगवां के गांव पनाई निवासी श्रीकृष्ण का पुत्र उमाशंकर पंडित (45) गांव के ही दीनालाल पुत्र सुमेर व उसकी पत्नी प्रेमशीला के साथ गंगा स्नान करने के लिए पांचाल घाट पर आया था। गंगा के दक्षिणी ओर महेश के घाट पर वह स्नान कर रहा था। इसी दौरान उसको मिर्गी का दौरा पड़ गया।
आसपास स्नान कर रहे लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक उमाशंकर पानी में समा गया। साथ आए दीनालाल ने लोगों की मदद से उमाशंकर को गंगा से बाहर निकाला। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। दीनालाल ने बताया कि उमाशंकर के तीन भाई हैं।
मेला माघ पूर्णिमा पर भंडारों की धूम मची रही। मेले में कल्पवास कर रहे श्रद्घालुओं व संतों के आश्रमों पर पूरे दिन भंडारे होते रहे। राजस्थान के दतिया से आए श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के महंत मनोज भारती के यहां सैकड़ों साधुओं ने भंडारे में हिस्सा लिया। वहीं वैष्णव संप्रदाय के बाबा बालकदास, दंडी स्वामी शिवराम आश्रम, पूर्णेश्वरानंद आश्रम आदि में भंडारों की धूम रही।
फर्रुखाबाद। सांस्कृतिक पंडाल में देवी जागरण में सारी रात श्रद्घालु माता के जयकारे लगाते रहे। माता वैष्णों देवी मंदिर भोलेपुर की ओर से गुरुवार देर रात माता के जगराते का आयोजन किया गया। संजय अरोरा ग्रुप ने माता की भेंटें सुनाकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। दे-दे थोड़ा प्यार मैया तेरा क्या घट जाएगा, माता प्रकट हो दूर संकट हो आदि गीत राजीव पालीवाल ने गाए। डॉ. राकेश तिवारी ने माता की आरती उतारकर प्रसाद बांटा। इस अवसर पर डा. राहुल तिवारी, राजेश शुक्ल, रत्ना तिवारी, अशोक तिवारी और बीबी सिंह मौजूद रहे।