बेटी से दुष्कर्म करने वाले लेखपाल की नाबालिग पुत्री ने पांच वर्ष पहले छह माह के मृत शिशु को जन्म दिया था। किशोरी को उसकी दादी ने पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया था।
दादी ने अपना व नातिन समेत बेटे का गलत नाम, पता अस्पताल में लिखवाया था। डाक्टर ने बयानों में विवेचक को पूरी घटना के बारे में बताया है। ऐसे में दादी, बाबा व दूसरी मां सामूहिक दुष्कर्म के मुकदमे में साजिश (धारा 120 बी) के आरोपी बनाए जा रहे हैं।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी शिक्षिका ने अपने लेखपाल पति व उसके दोस्तों के खिलाफ नाबालिग पुत्री से कई वर्षों से सामूहिक दुष्कर्म करने व जबरन गर्भपात कराने का मुकदमा दर्ज कराया था।
आरोपी लेखपाल, उसके दोस्त दवा व्यवसायी मनोज शाक्य निवासी मोहल्ला सरदार खां थाना मऊदरवाजा को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अन्य आरोपी लेखपाल विमल जाटव, विष्णुशरण रस्तोगी, सोनू तिवारी के खिलाफ कुर्की चस्पा की कार्रवाई हुई है। इस मामले में विवेचक ने आवास विकास कालोनी के एक निजी अस्पताल की महिला डॉक्टर के बयान लिए।
डॅाक्टर ने नाबालिग की फोटो देखकर उसे पहचान लिया। डॉक्टर ने बताया कि एक अक्तूबर 2015 को लेखपाल की मां ने अपनी नातिन को पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया था।
दादी ने अपना नाम व पुत्र का नाम व पता गलत लिखाया था। तब किशोरी ने छह माह के मृत बच्चे को जन्म दिया था। विवेचक ने बयान दर्ज करने के बाद दादी, बाबा व दूसरी मां को सामूहिक दुष्कर्म के मुकदमे में साजिश करने का आरोपी बनाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
विवेचक कोतवाल जसवंत सिंह ने बताया कि डॉक्टर के बयानों से गर्भपात कराने की बात सही पाई गई। सामूहिक दुष्कर्म का दंश झेल रही नाबालिग पांच वर्ष पहले महज 12 वर्ष की उम्र में ही अपने पिता की करतूत के कारण मां बन गई थी।