दलाई लामा शुक्रवार को संकिसा पहुंच गए हैं। वह चार्टर्ड प्लेन से
मोहम्मदाबाद हवाई पट्टी पर उतरे। यहां से वह काराें के काफि ले के साथ
स्तूप तक पहुंचे। यहां उन्हाेंने स्तूप पूजा की। इसकेे बाद विश्राम के लिए
होटल रायल रेजीडेंसी चले गए। वह शनिवार व रविवार को फर्रुखाबाद की सीमा पर
स्थित मैनपुरी जिले के गांव जसराजपुर में धम्म प्रवचन करेंगे। दलाईलामा के
आने के चलते चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था रही। इससे पहले वह1960 में संकिसा
आए थे।
दलाई लामा चार्टर्ड प्लेन से सुबह तकरीबन 10.30 बजे
मोहम्मदाबाद हवाई पट्टी पर उतरे। यहां प्राविधिक शिक्षा राज्यमंत्री आलोक
शाक्य, विधायक रघुराज सिंह, डीएम एनकेएस चौहान एसपी विजय यादव ने स्वागत
किया। यहां चाय पानी के बाद इनका काफिला सुबह 11.15 बजे संकिसा पहुंचा।
यहां उनके लिए यूथ बौद्ध सोसाइटी ने पहले से सिंहासन व पूजन की तैयारियां
कर रखी थीं। दलाई लामा ने तिब्बती परंपरा के मुताबिक बौद्ध भिक्षुआें के
साथ करीब 45 मिनट तक स्तूप पूजा की।
मान्यता है कि बुद्ध स्वर्ग से इसी
स्तूप पर अवतरित हुए थे। स्तूप के बाद दलाई लामा ने गज स्तंभ व परिसर के
बौद्ध मंदिर में पूजन कि या। यहां प्रसाद बांटा गया। दलाई लामा ने भी
प्रसाद पाया। अनुयायियों को आशीर्वाद के बाद वे विश्राम के लिए होटल चले
गए। धर्मगुरु दलाईलामा के साथ यूथ बौद्ध सोसाइटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष
सुरेश बौद्ध, महामंत्री भंते उपनंद,
अमित बौद्ध, मलेशिया के तेजवारो,
तीरथराज बौद्ध, भंते उपनंद थेरो, कैलाश चंद्र, प्रोफेसर शाम डोंग रिमपोछे,
भंते देवेंद्र, भंते नंदरत्न, अमित कुमार बौद्घ, नागेंद्र शाक्य, सचिन
यादव, सुजाता गौतमी, रजनीप्रभा और सपना बौद्घ आदि मौजूद रहीं। दलाई लामा के
कार्यक्रम को लेकर मोहम्मदाबाद हवाईपट्टी से लेकर संकिसा तक चप्पे-चप्पे
पर पुलिसबल तैनात रहा।
सुबह आठ बजे पहुंचे शेचेन स्तूप
धर्मगुरु
दलाई लामा शनिवार को सुबह 8 बजे वे शेेचेन स्तूप पहुंचेंगे। यहां आशीर्वाद
कार्यक्रम में भाग लेंगे। सुबह 8.30 बजे अशोक स्तंभ पर आयोजन में भाग लेने
जाएंगे। 8.40 बजे वह यूथ बुद्धिस्थ स्टडीज सेंटर का उद्घाटन करेंगे। सुबह
9.05 बजे जसराजपुर में सार्वजनिक कार्यक्रम में पहुंचेंगे।
9.30 बजे से
धम्मपाद शिक्षा देंगे। इसके बाद दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक दोबारा से
धम्मपाद शिक्षा का कार्यक्रम है। यहां से वह 3.15 बजे वापस होटल पहुंच
जाएंगे।