फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोर्ट ने तलब की लेडी डॉन के स्वास्थ्य की रिपोर्ट

Wed, 04 May 2016 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो फर्रुखाबाद
विज्ञापन
vdcv - फोटो : getty images
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। न्यायालय ने पुलिस के माध्यम से हैलट अस्पताल प्रशासन से आईसीयू में भर्ती लेडी डॉन की स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट दाखिल करने के लिए 9 मई तक का समय दिया गया है।
विज्ञापन


पुलिस की ओर से गढ़ी गई कहानी के मुताबिक जेल में दाखिल करने के लिए ले जाते समय भागने के उद्देश्य से जीप से कूदने से लेडी डॉन गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसका कानपुर हैलट में उपचार चल रहा है। वह चार दिन से हैलट अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है।

मगर अभी तक स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ है। इसको लेकर लेडी डॉन के  रूप में चर्चित युवती के अधिवक्ता विजय प्रताप सिंह ने बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। इसमें कहा गया कि पुलिस अभिरक्षा में हुई मारपीट से आरोपी को गंभीर चोटें आई हैं। वह हैलट अस्पताल में चार दिन से अचेतावस्था में भर्ती है।
विज्ञापन


उसको उच्च स्तरीय चिकित्सा दिए जाने के लिए हैलट से एम्स अस्पताल दिल्ली स्थानांतरित किया जाना न्यायहित में जरूरी है, जिससे उसका जीवन बच सके।अधिवक्ता के प्रार्थना पत्र पर जिला एवं सत्र न्यायालय ने पुलिस के माध्यम से हैलट अस्पताल से युवती की स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्ट 9 मई तक मांगी है।

लेडी डॉन प्रकरण की होगी उच्च स्तरीय जांच- फर्रुखाबाद। हैलट से आईसीयू में भर्ती  लेडी डॉन के नाम से चर्चित युवती के मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। प्रकरण में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह कहना है कि राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता देवी का। वह बुधवार को फर्रुखाबाद पहुंची थी।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए आयोग सदस्य ने कहा कि यह गंभीर मामला है। इसमें दोषियों के खिलाफ  सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि युवती का मामला उनके संज्ञान में आया है। वह आयोग अध्यक्ष से इस पर चर्चा करने के बाद आगे की कार्रवाई कराएंगी। हालांकि अभी तक युवती अथवा उसके परिवार की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है।

पिता ने डाला लखनऊ में डेरा- फर्रुखाबाद। कानपुर के हैलट अस्पताल के आईसीयू में भर्ती युवती के पिता ने न्याय पाने के लिए लखनऊ में डेरा डाल दिया है। लेडी डॉन के भाई ने बताया कि वह एक वकील के माध्यम से मुख्यमंत्री से भेंट कर न्याय की गुहार लगाएंगे। मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग भी करेंगे। उसने बताया कि उसकी बहन की हालत यह है कि उसका रंग पीला पड़ गया है तथा चेहरे पर सूजन भी बढ़ गई है।

 अपने ही जाल में फंस गई पुलिस- फर्रुखाबाद। लेडी डान के नाम से चर्चित युवती के जीप से कूदने की कहानी गढ़ कर पुलिस अपने ही जाल में फंसती नजर आ रही है। चर्चा यह है कि जीप में सवार युवती ने जब गेट का लॉक तोड़ा तो पुलिस देखती रही। इतना ही नहीं युवती के जीप से कूदने के बाद उसे दबोचने के लिए कूदी महिला आरक्षी को खरोंच तक नहीं आना भी सवाल खड़े कर रहा है।

पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास करने के मामले में कमालगंज एसओ सालिगराम वर्मा ने लिखाई रिपोर्ट में कहा है कि एक महिला आरक्षी और दो पुलिस कर्मियों के अलावा एसआई हरिओम शर्मा की सुरक्षा में लेडी डॉन को जेल ले जाया जा रहा था। रास्ते में  उसने महिला आरक्षी को घूंसा मारा और गाड़ी की डिग्गी का लॉक तोड़कर जीप से कूद गई। दो-चार कदम चलने के बाद वह खुद को नहीं संभाल पाई और सड़क पर सिर के बल गिर गई।

यहां सवाल लेडी डॉन के कूदने का नहीं बल्कि सवाल यह है कि जिस समय वह जीप से कूदी तो सुरक्षाकर्मी क्या करते रहे। महिला आरक्षी को घूंसा मारने और लॉक तोड़ते समय सुरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों ने उसको रोकने और पकड़ने का प्रयास क्यों नहीं किया। इस तरह के सवाल एसओ की ओर से लिखाई गई एफआईआर पर उठने लगे हैं। इसके अलावा महिला आरक्षी ने लेडी डॉन को पकड़ने का प्रयास किया तो वह भी सड़क पर गिर गई।

मगर महिला आरक्षी को खरोंच तक नहीं आईं। सिर्फ आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला आरक्षी के गिरने के बाद जीप को रुकवा कर पुलिस कर्मियों के सहयोग से लेडी डॉन को पकड़ा गया। हालत गंभीर होने पर लोहिया अस्पताल में उसको भर्ती कराया गया। पुलिस की यह कहानी आम लोगों के गले नहीं उतर रही है।
विज्ञापन





 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें