फर्रुखाबाद। जन्मदिन पार्टी में शामिल होकर कन्नौज से लौटे दंपति को रात में ही घर से लोहिया अस्पताल भेजा गया। रात वहीं गुजारने के बाद सुबह चेकअप कराके घर पहुंचा, तो मकान मालिक ने घुसने नहीं दिया। इस पर दंपति कोतवाली पहुंचकर फूट-फूटकर रोए। गर्भवती पत्नी के 10 माह का पुत्र भी है। वह नानी के घर पर छोड़ दिया।
नाला सिम्तसुमाल मोहल्ले में किराए पर रह रहे दंपति दो दिन पहले कन्नौज के तालग्राम में रिश्तेदारी में जन्मदिन पार्टी में गए थे। रविवार दोपहर बाद घर लौटे, तो मोहल्ले वालों ने पुलिस को सूचना दे दी। रात दस बजे पहुंचे तिकोना चौकी प्रभारी ने उन्हें लोहिया अस्पताल भेजा। जांच न होने से रातभर वहीं रुकना पड़ा।
सोमवार सुबह 11 बजे जांच कराने के बाद जब घर पहुंचे, तो मकान मालिक ने घर में घुसने नहीं दिया। कहा, 14 दिन बाद आना। वे कोतवाली पहुंचे। कोतवाल वेदप्रकाश पांडेय को अपनी पीड़ा बताई। इस दौरान दंपति फूट-फूटकर रोने लगे। महिला ने कहा, वह गर्भवती है। उसका 10 माह का बच्चा रेलवे रोड स्थित मायके में है।
मायके वाले भी पुलिस के भय से रोकना नहीं चाहते। अब कहां जाए। कोतवाल ने थाने के बाहर ही बैठने को कह दिया। उधर, तिकोना चौकी प्रभारी दीपक त्रिवेदी ने बताया कि उनके पास आना चाहिए था। जब उनका स्वास्थ्य ठीक है, तो मकान मालिक को मना नहीं करना चाहिए। वह उन्हें उनके घर ही पहुंचा देंगे।