फर्रुखाबाद। लॉकडाउन के दौरान सोमवार से सभी सरकारी कार्यालय निर्धारित समय पर खुल गए। इससे सड़कों पर चहलपहल भी बढ़ गई। फतेहगढ़ में किराने के अलावा अन्य दुकानें भी सुबह ही खुल गईं। इससे बाजार में भीड़ हो गईं। करीब नौ बजे पुलिस ने सभी दुकानें बंद करा दी।
सड़क पर सब्जी की ठेली लगाने वालों को भी गलियों में भगा दिया। उधर जनपद की सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई। वहां से आने वालों को वापस कर दिया गया। शहर में रोज की अपेक्षा सड़कों पर अधिक वाहन नजर आए। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने बताया कि सरकारी निर्माण शुरू कर दिए जाएंगे। सभी एसडीएम से रिपोर्ट मांगी गई है कि कौन-कौन से बाजार कितनी देर खोले जा सकते हैं, जिससे सामाजिक दूरी प्रभावित न हो।
विकास भवन में पहुंचे सभी कर्मचारी
शासन से 20 अप्रैल को सभी कार्यालय खोलकर सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए रोस्टर से कर्मचारियों को बुलाने के निर्देश दिए गए थे। रोस्टर न बन पाने से विकास भवन के सभी कार्यालयों के कर्मचारी पहुंच गए। जिला कार्यक्रम अधिकारी का लिपिक कक्ष छोटा होने से सात-आठ लोगों के बैठने से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो सका।
अन्य कक्षों में एक या दो कर्मचारी काम निपटाते रहे। वहीं कलक्ट्रेट स्थित प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय पहले से ही खुल रहे हैं। सीमित कर्मचारी होने से यहां सामाजिक दूरी बरकरार है। वहीं सीएमओ कार्यालय में एनएचएम के लेखा लिपिक सत्यदेव शुक्ल के कक्ष में एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही बैठा मिला। अन्य कक्षों में बिना मास्क लगाए बैठे कर्मचारियों ने बताया कि कार्यालय का न तो सैनिटाइजेशन कराया गया और न ही किसी कर्मचारी को मास्क व सैनिटाइजर उपलब्ध कराया गया।
नहीं पहुंचे नलकूप विभाग के अधिकारी
बेवर रोड स्थित नलकूप विभाग में करीब 12 कर्मचारी एक ही कक्ष में गप्पें मारते दिखे। वर्कशाप में कर्मचारी मौजूद थे, लेकिन कोई काम नहीं हुआ। कर्मचारियों ने बताया कि कार्यालय का न तो सैनिटाइजेशन कराया गया और न ही सफाई। साहब आते ही नहीं तो कर्मचारियों को मास्क व सैनिटाइजर कौन उपलब्ध कराए।
सहायक अभियंता अमर सिंह ने बताया कि वे 31 मार्च से इटावा में हैं। फर्रुखाबाद का अतिरिक्त प्रभार उनके पास से हटना है और उन्हें रिलीव होना है। इससे वे वहां नहीं गए। सहायक अभियंता बेचनलाल यादव ने बताया कि पेट दर्द होने की वजह से वे आवास पर चले गए।
अधिशासी अभियंता एक सप्ताह से कानपुर में हैं। वे कार्यालय नहीं आ रहे हैं। अधिशासी अभियंता ओपी गुप्ता ने बताया कि उन्हें बुखार आ गया है। इससे वे ड्यूटी पर नहीं पहुंच सके। तबियत ठीक होने पर आएंगे।
बाजार खोलने की नहीं मिली छूट, फिर भी खुलीं दुकानें
सोमवार सुबह शहर की आवास विकास कॉलोनी स्थित अधिकांश दुकानें खुल गईं। उधर फतेहगढ़ में किराने की दुकानों के अलावा, इलेक्ट्रानिक सामान, कपड़े, साइकिल, मिठाई आदि की दुकानें खुल गईं। इससे बाजार में चहलपहल हो गई। मिलेट्री चौराहे पर भी सब्जी वालों ने ठेले लगा लिए। वहां भी भीड़ लगने लगी।
यह देख पुलिसकर्मियों ने नौ बजे दुकानें बंद करा दीं। सब्जी वालों के ठेले भी हटवा दिए। बाजार में चहलपहल कम हो गई, लेकिन वाहनों से लोग आते जाते रहे। उन्हें पुलिस कर्मियों ने नहीं रोका। भोलेपुर में पुलिस कर्मियों ने कुछ बाइक सवार युवकों को रोक कर उठक-बैठक लगवाई। दोपहर में भी पुलिस की सख्ती नहीं दिखी। बता दें कि जिले में अब तक एक भी मरीज कोरोना पाजिटिव नहीं पाया गया है।