फर्रुखाबाद। पुराने पोस्टमार्टम हाउस भवन में रखे शव को कुत्तों द्वारा नोचने के मामले में हर कोई अपनी-अपनी लापरवाही छिपाने में लगा है।
शमसाबाद थानाध्यक्ष मॉर्चरी में शव रखवाए जाने के लिए सिपाही के साथ गार्ड को भेजने का दावा कर रहे हैं। वहीं पोस्टमार्टम हाउस के रजिस्टर में अकेले सिपाही के आने का ही ब्योरा दर्ज है।
बृहस्पतिवार को फैजबाग के पास एक ट्यूबवेल की झाड़ियों में युवक का क्षत-विक्षत शव मिला था। सीओ कायमगंज राजेश द्विवेदी आदि मौके पर पहुंचे थे। शिनाख्त न होने पर पुलिस ने पहचान के लिए शव मॉर्चरी फतेहगढ़ भिजवाया था।
नियम है कि अज्ञात शव ले जाने के लिए सिपाही के साथ दो गार्डों को भेजा जाता है। मगर सिर्फ सिपाही अंकित बालियान लोडर से शव लेकर मॉर्चरी फतेहगढ़ पहुंचा।
पोस्टमार्टम के कर्मचारियों की मानें तो रात करीब 10:30 बजे सिपाही अंकित बालियान लोडर से शव लेकर पहुंचा। उसके साथ कोई गार्ड नहीं था। अज्ञात शव को पुराने पोस्टमार्टम हाउस में रखवाने के लिए कहा गया। सिपाही ने लोडर चालक से मदद करने के लिए कहा, लेकिन उसने कोई मदद नहीं की।
वहीं, अंधेरा होने के चलते पोस्टमार्टम हाउस के कर्मचारी मोबाइल से टार्च दिखाते रहे और सिपाही जैसे-तैसे अकेले शव को पुराने पोस्टमार्टम हाउस तक ले गया। अंधेरा होने के चलते उसने शव स्लैब (शव रखने की पटिया) में रखने के बजाय जमीन पर रख दिया। सिपाही यह कहकर चला गया कि सुबह आकर शव ऊपर रखवा देगा।
शमसाबाद थानाध्यक्ष रमेश सिंह ने बताया कि सिपाही अंकित बालियान के साथ गार्ड अर्जुन को भेजा था। वहीं पोस्टमार्टम हाउस के रजिस्टर में सिपाही अंकित बालियान का ही नाम दर्ज है।