फर्रुखाबाद। लोहिया महिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती तीन प्रसूताओं में खून की कमी को पूरा करने के लिए बृहस्पतिवार शाम आयरन ड्रिप चढ़ाते ही हालत बिगड़ गई। परिवार के लोग चीखने लगे। सूचना पर पहुंचे डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। एक घंटे तक सीएमएस भी मौके पर बने रहे। उन्होंने गार्ड बुलवाकर भीड़ को वार्ड से बाहर निकलवाया।
कादरीगेट थाने के गांव सोताबहादुरपुर निवासी आफाक ने अपनी पत्नी को मंगलवार शाम प्रसव पीड़ा के बाद भर्ती कराया था। रात में प्रसव हुआ। सब कुछ सही था। खून की कमी के चलते बृहस्पतिवार शाम करीब साढ़े छह बजे आफाक की पत्नी समेत तीन प्रसूताओं को आयरन की ड्रिप लगाई गई। परिजन के मुताबिक बमुश्किल पांच मिनट में ही बीपी डाउन होने लगा। इस पर परिजन परेशान हो गए। प्रसूताओं की हालत बिगड़ती देख वार्ड में भीड़ जमा हो गईं। महिलाओं चीख पुकार करने लगीं। परिजन की सूचना पर इमरजेंसी से पहुंची दो डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। इसी दौरान सीएमएस डॉ. धीर सिंह भी पहुंच गए।
वार्ड में भीड़ देख गार्डों को फटकार लगाई। सभी लोगों को बाहर निकलवाया। इसके बाद वह एक घंटे तक अपनी देखरेख में इलाज करवाते रहे। सीएमएस ने बताया कि प्रसूताओं को रक्त काफी कम था। उसे पूरा करने के लिए आयरन की ड्रिप लगाई गई। प्रसूताओं में अधिक कमजोरी होने की वजह से आयरन रिएक्शन कर गया। इलाज कर दिया गया। अब सब कुछ सही है।