कायमगंज। रात में नमी व दिन में पड़ने वाली भीषण गर्मी ने फलों के राजा आम की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। मौसम के इस व्यवहार से आम की लगभग 50 फीसदी फसल खराब होने के कगार पर है। किसानों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो आम पेड़ों से टपककर गिर जाएगा। इससे आम आम आदमी की पहुंच से दूर जाएगा।
इस वर्ष आम के बागों में आया बौर देखकर बागवान और आम आदमी फूले नहीं समा रहे थे। उम्मीद थी कि इस बार आम की अच्छी फसल आएगी। शुरूआत में तो आम की फसल में कोई रोग नहीं था लेकिन मौसम की बुरी नजर आम को लग गई। वहीं रही सही कसर सूखे ने पूरी कर दी।
बागवान संदीप गंगवार, राधे सिंह, नर सिंह आदि बताते हैं कि रात में मौसम के ठंडा होने व दिन में गर्मी होने के कारण आम के पेड़ों में लसा रोग (कीड़ा) लग गया है। यह कीड़ा आम के डंठल में लग जाता है और उसकी चेंपी को चट कर जाता है, जिससे आम काला होकर टपक जाता है। उन्होंने बताया कि आम की फसल लगभग 50 फीसदी कम हो गई है।
बागवान जैकी गंगवार बताते हैं कि लसा रोग के अलावा नहर व बंबें सूखे होने के कारण बागों की सिचाई नहीं हो पा रही है, जिससे आम सूख कर टपक रहा है। ग्राम पितौरा निवासी पुष्पेंद्र गंगवार बताते हैं कि आम के बागवान चेंपा रोग से तो जूझ ही रहे हैं सूखे ने कमर ही तोड़ दी है। वहीं गांव नरसिंहपुर निवासी राम सिंह का कहना कि सिंचाई के लिए न तो नहर में पानी है और न ही बोरिंग काम कर रही हैं।