मां सरस्वती महामृत्युंजय समाज सेवा समिति की ओर से शुक्रवार को आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में 36 जोड़ों ने वसंत पंचमी पर्व पर जीवन की डोर थामी। पांडेश्वरनाथ मंदिर से एक साथ चढ़ीं बारातों से रेलवे रोड पर उत्सव सा माहौल नजर आया। पटेलपार्क में कार्यक्रम स्थल पर बारातों की अगवानी की गई। यहां मंडपों में दूल्हा-दुल्हन ने सात फेरे लिए। समाजसेवियों ने इन्हें भेंट में उपहार दिए।
शुक्रवार को मां सरस्वती महामृत्युंजय समाज सेवा समिति की ओर से आयोजित आठवें सामूहिक विवाह समारोह को लेकर पटेलपार्क में कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही वर व कन्या पक्ष के लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। यहां वर और वधू पक्ष के लिए अलग-अलग इंतजाम किए गए थे। पूरे दिन कन्या और वर पक्ष के लोगों का कार्यक्रम स्थल पर आना-जाना लगा रहा। शाम को रेलवे रोड स्थित पांडेश्वरनाथ मंदिर से एक साथ 36 बारातें चढ़नी शुरू हुईं।
इस दौरान बाराती बैंडबाजों और ढोलनगाड़ों की धुनों पर नाचते हुए रेलवे रोड से होते हुए मठिया देवी मंदिर पहुंचे। यहां दूल्हों ने सरस्वती का पूजन किया। इसके बाद बारात त्रिपोलिया चौक, घुमना, नितगंजा, स्टेट बैंक, रेलवे रोड व पल्ला सब्जी मंडी से होते हुए पटेल पार्क पहुंची। यहां बारातों की अगवानी शमसाबाद चेयरमैन विजय गुप्ता और सरस्वती मंदिर के पुजारी रामकिशोर शुक्ल ने की। इस दौरान मंत्रोच्चार के बीच दूल्हा-दुल्हनों के फेरे डलवाए गए।
शाम को ही सभी बारातों की विदा कर दी गई। इस दौरान नवदंपतियों को उपहार प्रदान किए गए। इस अवसर पर अश्वनी दीक्षित, शेर सिंह राठौर, विमलेश शर्मा, रेखा शुक्ला, मनोज शाक्य, डा. अखिलेश त्रिवेदी, पवन शुक्ल और डा. राकेश दुबे आदि मौजूद रहे। पुजारी रामकिशोर शुक्ल ने बताया कि समिति सात सालों से वसंत पंचमी के पर्व पर सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन कर रही है।