फर्रुखाबाद। बांग्लादेश के बुद्धिस्ट का शव लोहिया अस्पताल में पांच दिनों से रखा है। डाक्टरों का कहना है कि शव सड़ने लगा है। मेमो कोतवाली भेज दिया गया है। उधर, एलआईयू इंस्पेक्टर का कहना है कि शनिवार को गृहमंत्रालय को फैक्स भेज दिया गया। वहां से जवाब आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
बांग्लादेश के जिला रंगावती क्षेत्र के बाबूपारा मारिसा बघाइचारी निवासी सुबीमाल चकमा (76) बुधवार को टीम के साथ में मेरापुर स्थित संकिसा बौद्ध स्तूप के दर्शन करने के लिए आए थे। 25 बाइक की चपेट में आने से मौत हो गई थी। सुबीमाल के साथ आए लोगों ने जिला प्रशासन को भारत में ही अंतिम संस्कार करने के लिए लिख कर देने के बाद चले गए थे। लोहिया अस्पताल के शवगृह में पांच दिन से रखा शव सड़ने लगा है।
शनिवार को लोहिया अस्पताल के डा. राजकिशोर ने कोतवाली पुलिस को मेमो भेज कर सूचित किया कि शव सड़ने लगा है। इसका निस्तारण किया जाए। कोतवाली पुलिस ने मेमो को दाखिल कर एलआईयू इंस्पेक्टर को भेज दिया गया। एलआइयू इंस्पेक्टर सीपी सिंह ने बताया कि मेमो मिलने के बाद रात को उन्होंने गृहमंत्रालय को फैक्स कर दिया। वहां से कोई जवाब नहीं आया। इससे शव का अंतिम संस्कार नहीं हो पा रहा है।