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Farrukhabad News: संतों की शोभायात्राओं में जयकारों से गूंजा गंगा तट

Sat, 25 Jan 2025 11:44 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
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 निर्मोही अखाड़ा की शोभा यात्रा में करतब दिखाते साधु। - फोटो : निर्मोही अखाड़ा की शोभा यात्रा में करतब दिखाते साधु।
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फर्रुखाबाद। पांचालघाट स्थित मेला रामनगरिया में शनिवार को संतों ने धूमधाम से शोभायात्रा निकाली। इसमें शंखध्वनि व जयकारों से गंगा तट गूंज उठा। शोभायात्रा में संतों के करतब देखने के लिए भीड़ लगी रही।
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पांचालघाट गंगा तट पर मेला रामनगरिया में पवित्र माह माघ की पहली एकादशी होने से कल्पवास क्षेत्र श्रद्धा, भक्ति, धार्मिक आयोजन व पुण्य-दान की बौछार से सराबोर रहा। अखिल भारतीय पंचतेराभाई त्यागी खालसा, निर्मोही अनी अखाड़ा व डंडी मंडल क्षेत्र से बैंडबाजे के साथ शोभा-यात्रा निकाली गई। अखिल भारतीय श्रीपंच निर्मोही अखाड़ा के महंत नारायण दास उर्फ बटेश्वर बाबा की अध्यक्षता में शोभायात्रा निकली। संतों ने गंगा तट पर पहुंचकर हनुमान जी के निशानों को स्नान कराया। फिर परिक्रमा रास्ता से होते हुए शोभायात्रा आश्रम पहुंची।
गोपालदास रामदास, हरिदास, सरवन दास, उत्तमदास, उद्धव दास, श्यामदास, कमलदास आदि संत मौजूद रहे। अखिल भारतीय श्रीपंचतेरा भाई त्यागी खालसा अवध बिहारी दास जी बरगदिया घाट क्षेत्र के संतों ने बैंडबाजे के साथ शोभायात्रा वैष्णव संप्रदाय के अध्यक्ष मोहनदास की अध्यक्षा में निकाली। जिसमे हनुमान जी निशान आगे चल रहे थे। ठाकुरजी की सजी पालकी भक्त लेकर चल रहे थे। महंत विष्णु दास महाराज उंगलली थाल का चक्र बनाकर घुमा रहे थे। जिसे देखने के लिए भीड़ लगी रही। संत जगदीश दास, निर्मोही झाड़ियां, फूलदास आदि संतों ने करतब दिखाए। जूना अखाड़ा के अध्यक्ष सत्य गिरी व अन्य संतों ने शोभा यात्रा का स्वागत किया है। ठाकुर जी को मंदिर में विराजमान कर पूजा आरती की। जगदीश दास, नरसिंह दास, ओमेंद्रदास, रामजी दास, रामदास त्यागी, फूलदास, नारायणदास त्यागी, शिवराम दास, भोला दास आदि संत मौजूद रहे।
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शीतला आश्रम से श्रवण स्वरूप ब्रह्मचारी की अध्यक्षता में निकली शोभायात्रा में शामिल पालकी में गुरुदेव का चित्र लेकर भक्त चल रहे थे। गंगा तट पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की गई। रामा आश्रम, श्यामा आश्रम, अवधेश गिरी, राजेश्वरा आश्रम, शिवनाथ सिंह, रणवीर सिंह, नरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।


धर्म रूपी वृक्ष में सुख रूपी फल लगता है
चरित्र निर्माण शिविर प्रातःकाल यज्ञ किया गया। आचार्य चन्द्रदेव शास्त्री जी ने बताया कि जो इस लोक और परलोक की सिद्धि का हेतु है उसे धर्म कहते हैं। मनुष्य जीवन के सुख का आधार धर्म है। धर्म रूपी वृक्ष पर सुख रूपी फल लगता है और अधर्म रूपी वृक्ष पर दुख रूपी फल लगता है। आचार्य प्रदीप शास्त्री ने कहा शरीर अनित्य है सदा रहने वाला नहीं है, भौतिक संपत्ति सदैव रहने वाली नहीं है, मृत्यु प्रति क्षण निकट आ रही है। संदीप आर्य, उत्कर्ष आर्य, उदयराज आर्य, हर्ष आर्य, हरिओम शास्त्री, संजय यादव, शिशुपाल आर्य, अजीत आर्य, अमृता आर्या,ऋतु आर्या रहे।
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निशानों को स्नान कराते समय डूबने से बचे संत
बरगदिया घाट क्षेत्र से निकली शोभा यात्रा गंगा तट पर पहुंची। हनुमान जी के तीन निशान गंगा स्नान के लिए संत जगदीश दास निर्मोही झाड़ियां जैसे गंगा में घुसे तो गहरे पानी में चले गए। गंगा में लगी बल्ली संत ने पकड़ ली। तब तक एक संत ने अपना हाथ बढ़ाकर संत को बाहर निकाला। संतों का कहना है कि मोटर बोट चलने से बालू तेजी से कट रही है। इससे घाटों पर गहराई अधिक है। अग्नि अखाड़ा दंडी मंडल संत समिति के अध्यक्ष शिव स्वरूप बच्चा स्वामी की अध्यक्षता में बैठक हुई। संतों ने कहा कि वर्ष 2023 में डंडी मंडल का अध्यक्ष बच्चा स्वामी को चुना गया था। इस माघ मेला में कुछ संतों ने दूसरे डंडी संत को अध्यक्ष चुना। जिस पर डंडी संतों ने कहा कि उन लोगों के अध्यक्ष बच्चा स्वामी ही हैं। रामप्रकाश, ऋषिराम, गोपीनाथ सरस्वती, बड़े भईया, जगदीश आश्रम, विपिन आश्रम आदि संत मौजूद रहे।
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