फर्रुखाबाद। देवोत्थान एकादशी रविवार को मनाई जाएगी। शनिवार को लोगों ने गन्ना और सिंघाड़ा की खरीददारी की। पूर्वाह्न 11.30 से 12.30 बजे तक देवोत्थान एकादशी पूजन का शुभ मुहूर्त रहेगा। देवोत्थान एकादशी पर्व से ही शुभ कार्यों का शुभारंभ होगा।
मान्यता है कि दीपावली पर्व से पहले भगवान विष्णु क्षीर सागर में चिरनिद्रा में चले जाते हैं। इसके बाद वह देवोत्थान एकादशी पर ही जागते हैं। इसी के चलते देवोत्थान पर्व मनाया जाता है। देवोत्थान पर्व पर भगवान विष्णु का पूजन करने का विधान है। रविवार को देवोत्थान पर्व को लेकर शनिवार को रेलवे रोड, लोहाई रोड, पक्कापुल, नेहरू रोड और भोलेपुर आदि बाजारों में लोगों ने गन्ना, सिंघाड़ा और शकरकंदी की जमकर खरीददारी की।
पर्व के चलते सिंघाड़ा और शकरकंदी 20 रुपये प्रति किलो तथा आठ से दस रुपये का एक गन्ना बिका। पर्व होने के चलते लोगों ने महंगाई के बावजूद गन्ना, सिंघाड़ा और शकरकंदी की खरीददारी की।
आचार्य योगीराज दबे (कमालगंज) का कहना है कि देवोत्थान पर पूजन करने का शुभ मुहूर्त पूर्वाह्न 11.30 से 12.30 बजे तक का है। शुभ मुहूर्त में भगवान विष्णु का पूजन करने से सुख एवं समृद्धि की प्राप्ति होगी। दीपावली से क्षीर सागर में चिरनिद्रा में लीन विष्णु भगवान के देवोत्थान एकादशी पर जागने के बाद शुभ कार्य प्रारंभ होते हैं।