तिर्वा। राजकीय मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कॉलेज प्रशासन ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों को चिह्नित करना शुरू कर दिया है। साथ ही, उन कर्मचारियों पर भी नजर रखी जा रही है, जो आराम के लिए ड्यूटी में फेरबदल कराने या काम से बचने के लिए दबाव डलवाते हैं।
कॉलेज में वर्तमान में 365 संविदा कर्मचारी तैनात हैं, जिनमें स्टाफ नर्सें भी शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि वार्डों में तैनात नर्सों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी मरीजों को बेहतर सेवा देना है। कुछ कर्मचारी ड्यूटी में रुचि न लेकर मनमानी कर रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों की पहचान की जा रही है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं पर असर न पड़े। सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह ने बताया कि कई कर्मचारी अपनी सहूलियत के अनुसार काम करना चाहते हैं और इसके लिए किसी अन्य व्यक्ति का दबाव बनवाते हैं। इस तरह की प्रवृत्ति को रोकने के लिए विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी ड्यूटी में फेरबदल कराने या नदारद रहने की शिकायतों में पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट तैयार कर संबंधित कार्यदायी संस्था को भेजी जाएगी, ताकि दोषी कर्मचारियों की सेवा समाप्त की जा सके।