क्षमता से अधिक सवारियों को बैठा कर कन्नौज जा रहा टेंपो अनियंत्रित होकर
पलट गया। इसमें बैठीं 19 सवारियां घायल हो गईं। घटना की जानकारी मिलने पर
परिजन पहुंच गए। यह घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए। यहां
उपचार न होने पर घायलों के परिजनों ने हंगामा किया। डाक्टर और वार्ड ब्वाय
से नोकझोंक होने पर स्थानीय लोगों को इन्हें समझाकर शांत किया।
कमालगंज
के गांव गौसपुर निवासी फैतल (18), सरफराज(22), मकसूद (55), चंदू (20),
उवैत (21), खालिद (19), तपसील (31), तनीस (22), कमरूद्दीन (25), आसिफ (33),
तौफीक (18), कासिब (20), रियाज (28), विनोद (23), सत्तार (32), जीशान
(19), तौफीक (27)और गांव शेखपुर निवासी अखिलेश समेत एक अन्य कन्नौज के
लोहिया गांव
सदरपुर द्वारिकापुर मेें मजदूरी करने के लिए विक्रम टेंपो से
जा रहे थे। करमुल्लापुर मोड़ के पास तेज रफ्तार टेंपो पलट गया। इसमें बैठे
मजदूर घायल हो गए। राहगीरों ने टेंपो से सभी को बाहर निकाल कर इनके परिवार
वालों को जानकारी दी। इस पर गांव के लोग दूसरे वाहन से घटनास्थल पहुंचे।
घायलों को कमालगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाया
गया। अस्पताल में
एक साथ 19 घायलों के आने से डाक्टर और कर्मचारियों के हाथपांव फूल गए।
घायलों को अस्पताल में तत्काल उपचार न मिलने से नाराज गांव व परिवार के
लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। डाक्टर योगेंद्र मिश्रा और वार्ड ब्वाय
से
इनका विवाद हो गया। नोकझोंक बढ़ने पर पुलिस को सूचना दी गई। कमालगंज थाना
पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत किया। अस्पताल में
उपचार न मिलने के कारण लोगों ने घायलों को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती
कराया।
एक बेड पर दो मरीज, खुद करनी पड़ी मरहम पट्टी
टेंपो पलटने से घायल हुए 19 लोगों के अस्पताल पहुंचने पर अफरा तफरी मच गई।
एक बेड पर दो दो घायलों को लिटाया गया। मरीजों को खुद मरहम पट्टी करनी
पड़ी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कमालगंज में फैली अव्यवस्था की पोल
रविवार को एक साथ उपचार के लिए 19 घायलों के आने पर खुल गई। घायलों को
लिटाने के लिए बेड और स्टेचर
कम पड़ गए। एक बेड पर दो-दो घायलों को लिटाया
गया। एक वार्ड व्बाय होने के कारण मरीजों को चोटों पर खुद मरहम पट्टी करनी
पड़ी। गौसपुर के प्रधान इमरान ने भी घायलों की मरहम पट्टी की। घायलों के
उपचार की अस्पताल में कोई व्यवस्था नहीं की गई। डाक्टर और वार्ड व्बाय एक
दूसरे की ओर देखते रहे। उपचार न होने के कारण गांव और परिवार के
लोगों का
गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने डाक्टर और वार्ड व्बाय को खरी खोंटी सुनाई।
इस कारण अस्पताल में करीब एक घंटे तक अफरा तफरी का माहौल बना रहा। आखिरकार
कई घायलों को परिजन प्राइवेट अस्पताल ले गए । डाक्टर योगेन्द्र मिश्रा का
कहना है कि रविवार को अवकाश था। इस कारण दिक्कत उठानी पड़ी।