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पैसे के लेन-देन और शराब के नशे में टेंपो चालक की हत्या

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पोस्टमार्टम हाउस में रोते बिलखते महेंद्र के परिजन। - फोटो : FARRUKHABAD
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पैसे के लेनदेन के विवाद में टेंपो चालक की हत्या
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फर्रुखाबाद। शराब के नशे में हुए पैसे के लेनदेन के विवाद में मंगलवार को टेंपो चालक की हत्या कर दी गई। शव बंद पड़े एक मकान में डाल दिया गया। गुरुवार रात दो बजे शव को ठिकाने लगाने को कार में लादते वक्त चीता मोबाइल के सिपाही ने एक युवक को दबोच लिया, साथी भाग निकला।
शहर कोतवाली के लालगेट से कादरीगेट जाने वाले मार्ग पर एक होटल के सामने गली के नुक्कड़ पर गुरुवार रात दो बजे चीता मोबाइल के सिपाहियों ने एक कार खड़ी देखी। कुछ देर बाद सिपाही वापस आए, तो कार हिल रही थी। उनके पहुंचते ही एक व्यक्ति गली में भाग निकला। कार में मौजूद युवक को दबोच लिया। देखा तो पता चला आरोपी एक शव को कार में लादने का प्रयास कर रहे थे। सूचना पर कोतवाल वेदप्रकाश पांडेय, कादरीगेट चौकी प्रभारी हरिओम प्रकाश त्रिपाठी समेत पुलिस बल पहुंच गया।
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पुलिस ने शुक्रवार सुबह शव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा दिया। दोपहर बाद अज्ञात शव मिलने की सूचना पर रामलीला गड्ढा निवासी स्व. सूबेदार जाटव की पत्नी रामबेटी, पुत्री राममूर्ति, पूजा, हेमा समेत अन्य परिजन मोर्चरी पहुंचे। राममूर्ति ने शव की शिनाख्त अपने भाई टेंपो चालक महेंद्र जाटव (31) के रूप में की। बताया कि मंगलवार सुबह 10 बजे घर से काम पर जाने की बात कहकर गया था। इसके बाद नहीं लौटा। उसका बड़ा भाई सूरज खोजबीन करने बाहर गया है। महेंद्र का विवाह नहीं हुआ था।
कोतवाल ने बताया कि पकड़े गए आरोपी ने ने अपना नाम पातीराम उर्फ दुर्गेश जाटव निवासी रामलीला गड्ढा बताया। कहा कि महेंद्र शराब पीता था। मोहल्ले के ही उसके दोस्त संदीप के रुपये महेंद्र पर उधार थे। वह नहीं दे रहा था। मंगलवार देर रात तीनों ने शराब पी। नशे की हालत में उसे कुम्हारों वाली गली में बंद मकान में ले गए।
वहीं गला दबाकर उसकी हत्या करके शव पुष्पा देवी के खाली पड़ घर में रखकर बाहर से ताला लगा दिया। गुुरुवार रात बहाने से कार मांग कर संदीप लाया और शव ठिकाने लगाने जा रहे थे। तभी पुलिस आ गई। पुलिस ने फरार आरोपी की तलाश में दबिश देनी शुरू कर दी है। परिजनों अभी घटना की तहरीर नहीं दी है।
20 साल से बंद पड़ा है मकान
जिस मकान में शव तीन दिन तक बंद रहा, वह शाहजहांपुर जिले के गांव सल्लिया निवासी पुष्पा गुप्ता पत्नी स्व. सुभाष गुप्ता का है। वह अपने भाइयों के पास ही रहती हैं। मकान बीस साल से ऐसे ही पड़ा है।
बंद मकान बने जुआ, शराब के अड्डे
पुष्पा के मकान के बगल में ही एक मकान एयरफोर्स से सेवानिवृत्त वीके सिंह का है। वह भी कई सालों से बंदहै। पुलिस ने जब खोजबीन की, तो पुष्पा के मकान से होकर वीके सिंह के मकान की छत और नीचे जाने का रास्ता है। कमरों की हालत देख लग रहा था कि वहां जुआ, सट्टा के फड़ लगते हैं। शराब भी पी जाती है।
आरोपियों ने गली के बल्ब उतारे, मंदिर का किया बंद
शव ठिकाने लगाने जा रहे रहे आरोपियों ने गली के कैलाश के मकान के बाहर लगा बल्ब निकाल लिया। पूरी रात जलने वाला हनुमान मंदिर का बल्ब भी बंद मिला।
ढाई फीट चौड़ी गली में 300 मीटर दूर ले गए शव
लालगेट से कादरीगेट रोड पर स्थित एक होटल के सामने संकरी गली के मोड़ पर वैगनआर कार खड़ी की गई थी। वहां से घटनास्थल करीब 300 मीटर दूर है। ढाई फीट चौड़ी गली से होकर शव को कार तक लाया गया। सिर्फ दो युवक शव को इतनी दूर तक ले गए, यह गले नहीं उतर रहा है।
सोमवार को संदीप ने बहन को दी थी धमकी
पोस्टमार्टम हाउस पर बिलखती बहन राममूर्ति ने बताया कि लालगेट के संदीप कोरी ने सोमवार को बाजार से आते वक्त रास्ते में उसे रोका था। कहा था कि अपने भाई को समझा लेना, अच्छा नहीं होगा। इसी के बाद घटना हो गई।
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रिश्तेदार की बीमारी के बहाने लाए थे कार
फर्रुखाबाद। जिस कार में शव लादा जा रहा था, वह रामलीला गड्ढा निवासी कीर्ति की थी। कादरीगेट चौकी प्रभारी हरिओम प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि कार मालकिन ने बताया कि संदीप ने गुरुवार शाम कन्नौज में रिश्तेदार बीमार होने की बात कही थी। यही कहकर कार ले गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महेंद्र की तीन दिन पूर्व गला दबाकर व सीने में दिल के पास नुकीली
वस्तु मारकर हत्या किए जाने की पुष्टि की गई है।
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