फर्रुखाबाद। आलू की फसल में दवा का छिड़काव करते किशोर खेत में बेहोश हो गया। कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया। परिजन व ग्रामीण सर्दी लगने से मौत होने की चर्चा कर रहे हैं। परिजनों ने पोस्टमार्टम नहीं कराया है।
नवाबगंज थाने के गांव सिरौली के मजरा हमीरापुर निवासी रामब्रेश राजपूत का पुत्र आशीष कुमार (15) बुधवार को खेत में आलू की फसल को झुलसा रोग से बचाने के लिए दवा डालने गया था। दवा का छिड़काव करते समय वह खेत में गिरकर बेहोश हो गया। काफी देर तक जब आशीष घर नहीं पहुंचा, तो परिजन खेत पर पहुंचे। उन्होंने आशीष को स्प्रे मशीन के साथ बेहोशी की हालत में जमीन पर कांपते हुए पड़ा देखा।
आनन-फानन में आशीष के बड़े भाई बलराम राजपूत उसे शहर के निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस पर परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
बलराम ने बताया कि आशीष हाईस्कूल का छात्र था। परिजन व ग्रामीण अधिक सर्दी लगने से मौत होना बता रहे हैं। गुरुवार को आशीष के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं आशीष के पिता रामब्रेश राजपूत ने बताया कि उनका पुत्र बीमार नहीं था। उसको सर्दी लग गई। इस कारण से ही उसकी मौत हुई है। अस्पताल में चिकित्सक ने भी सर्दी लगने की बात कही थी। बताया कि आशीष की मां ने पोस्टमार्टम कराने से मना किया था। इस कारण नहीं कराया।