फर्रुखाबाद। संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों में अगर नियमित कक्षाएं संचालित होते नहीं मिलीं तो गुरुजी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने यह निर्णय लिया है। जिला विद्यालय निरीक्षक संस्कृत विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे। जिस विद्यालय में कक्षाएं चलती नहीं मिलेंगी, उनके शिक्षकों पर कार्रवाई होगी।
संस्कृत विद्यालयों में वैसे ही शिक्षकों की कमी है, जो शिक्षक हैं भी वे बच्चों को पढ़ाने में रुचि नहीं दिखाते। विद्यार्थियों का रुझान संस्कृत के प्रति कम हो रहा है। सरकार संस्कृत को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। गुरुजी की मनमानी को रोकने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग ने कड़े कदम उठाए हैं।
शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र भेजकर कहा, माध्यमिक कॉलेजों की तरह ही संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों का शैक्षिक सत्र भी अप्रैल से शुरू होता है। संस्कृत विद्यालयों में छात्र प्रवेश तो ले लेते हैं, लेकिन स्कूल जाना मुनासिब नहीं समझते। संस्कृत स्कूलों के विद्यार्थी सिर्फ परीक्षा देने ही स्कूल आते हैं। जब परीक्षा परिणाम आता है तो रिजल्ट अच्छा नहीं जाता।
अधिकारी भी निरीक्षण के नाम पर खानापूर्ति करते हैं। संस्कृत विद्यालयों में नियमित कक्षाएं लगें, इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक संस्कृत विद्यालयोें का निरीक्षण करें। स्कूल में संस्कृत शिक्षा परिषद के शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार कक्षाएं चल रही हैं या नहीं। कक्षाएं न मिलने पर संबंधित कॉलेज के गुरुजी के खिलाफ कार्रवाई करें।
जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्र पाल सिंह ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा निदेशक के निर्देशों का पालन कराया जाएगा। गौरतलब है कि जनपद में रेलवे रोड स्थित संन्यास आश्रम समेत पांच संस्कृत विद्यालय हैं। इनमें करीब 73 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।