फर्रुखाबाद। बीएड की फर्जी डिग्री से बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी पाने वाले 51 शिक्षकों को अक्तूबर व नवंबर में बर्खास्त कर दिया गया था। कितने बर्खास्त शिक्षकों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, इस संबंध में बेसिक शिक्षा सचिव ने बीएसए से रिपोर्ट मांगी है। इससे विभागीय अधिकारियों में हलचल मची है। बर्खास्त शिक्षक उच्च न्यायालय से स्टे लाने के बाद दोबारा से विभाग में नौकरी कर रहे हैं।
आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की बीएड की फर्जी डिग्री से नौकरी पाने वालों की जांच एसआईटी कर रही है। जिले में 51 शिक्षकों के अभिलेख फर्जी मिलने पर अक्तूबर से नवंबर तक सभी शिक्षकों को तत्कालीन बीएसए रामसिंह ने बर्खास्त कर दिया था। ब्लाक से संबंधित बीईओ को रिपोर्ट दर्ज कराने और वेतन रिकवरी के आदेश दिए थे। बर्खास्तगी के बाद रिपोर्ट दर्ज कराने में खंड शिक्षा अधिकारी हीलाहवाली करते रहे।
इस बीच बर्खास्तगी के खिलाफ बर्खास्त शिक्षक उच्च न्यायालय की शरण में चले गए और रिट दायर कर दी। उच्च न्यायालय ने बर्खास्तगी आदेश पर रोक लगा दी थी। जिसके आधार पर 51 शिक्षकों ने दोबारा विभाग में कार्यभार ग्रहण कर लिया। बेसिक शिक्षा परिषद सचिव ने बर्खास्तगी के बाद शिक्षकों पर रिपोर्ट दर्ज कराने को लेकर बीएसए से रिपोर्ट मांगी है। बीएसए दीवान सिंह ने बताया कि जो शिक्षक बर्खास्त हुए हैं, वह दो पटल से संबंधित हैं। इनकी पत्रावली खोजी जा रही है। पत्रावली मिलने पर स्पष्ट होगा कि कितने के खिलाफ एफआईआर हुई थी और कितनों के खिलाफ नहीं कराई गई।