सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर कलक्ट्रेट में खड़े शिक्षक नेता। संवाद
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उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने शिक्षकों की लंबित समस्याओं के निस्तारण की मांग उठाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित 22 सूत्री ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को दिया। साथ ही स्थानीय समस्याओं के निदान के लिए बीएसए को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि आठ जनवरी को परिषदीय शिक्षकों की वार्षिक गोपनीय आख्या के आधार पर शिक्षण योगदान अंक निर्धारित करने का आदेश विभागीय अधिकारियों को दिया गया है। यह आदेश शिक्षक समाज को अपमानित करने और काला कानून लागू करने जैसा है। इस आदेश को वापस लिया जाए। जो शिक्षक अंतरजनपदीय स्थानांतरण से वंचित रह गए हैं।
उनको अंतरजनपदीय स्थानांतरण शीघ्र किया जाए। ग्रामीण क्षेत्र से नगर क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए आदेश जारी हो। शिक्षकों को जब तक टेबलेट उपलब्ध न कराए जाए, तब तक मिशन प्रेरणा के तहत कराए जा रहे ऑनलाइन कार्य रोका जाए और शिक्षकों पर दंडनात्मक कार्रवाई करने पर रोक लगे।
परिषदीय विद्यालय के शिक्षक की मृत्यु पर उसके आश्रित की चतुर्थश्रेणी के स्थान पर लिपिक पद पर नियुक्ति होनी चाहिए। उधर बीएसए को दिए ज्ञापन में जीपीएफ की धनराशि ऑनलाइन करने और पासबुक जारी कराने समेत पांच समस्याओं के निस्तारण की मांग की है। इस दौरान जिलाध्यक्ष भूपेश प्रकाश पाठक, जिला मंत्री नरेंद्र पाल सिंह राजपूत, प्रवेश सिंह, रत्नेश चंद्र सक्सेना, देवेश यादव आदि मौजूद रहे।