फर्रुखाबाद/ अमृतपुर। प्रमुख साही स्नान पर्व पर गंगा में स्नान करने से कुंभ का फल मिलता है। स्नान पर्वों पर प्रयागराज कुंभ की भीड़ में जाने से बचें। महंत ब्रह्मारी ने भक्तों को से कहा कि माघ में किसी भी नदी के जल से स्नान करने से कुंभ स्नान का फल मिलता है।
दुर्वासा ऋषि आश्रम के महंत ईश्वरदास ब्रह्मचारी ने कहा कि माघ के महीने में किसी भी नदी में स्नान करने से कुंभ का फल मिलता है। माघ के महीने में गंगा, सरजू, यमुना आदि नदियों में स्नान करने से वही फल मिलेगा जो कुंभ में स्नान करने से मिलता है। कुंभ का महत्व अलग ही है। श्रद्धालु कुंभ स्नान करने के लिए विशेष पर्व पर जाने से बचें। पर्व के बाद भी कुंभ का स्नान किया जाना फलदाई है।
मनुष्य का मन जब तक पवित्र नहीं है। तब तक कहीं भी जाएं, लेकिन फल मिलने वाला नहीं है। तीर्थ में किए गए पाप नष्ट हो सकते हैं, लेकिन कुंभ में किए गए पाप का कहीं मोक्ष नहीं है। पर्व पर घर में रहकर त्रिवेणी, सागर, गंगा, यमुना, सरजू आदि नदियों का जल किसी पात्र में डालकर उसमें स्थानीय जल मिलाकर स्नान करें, तब भी पर्व का फल मिलता है। कुंभ का महत्व है, लेकिन अपने परिजनों को कैसे सुरक्षित रखें, इसका भी ध्यान रखना जरूरी है। भीड़ में कहीं न जाएं और घर में ही गंगाजल मिलाकर स्नान करें और भजन करें।