नगर पालिका कार्यालय के सामने बने बदहाल शौचालय। संवाद
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फर्रुखाबाद। स्वच्छ भारत मिशन की टीम को जांच में सामुदायिक शौचालय बदहाल मिले। किसी में गंदगी मिली तो किसी की टोंटी ही गायब थी। कई में सबमर्सिबल ही बंद पाए गए। हालांकि जिम्मेदारों ने कमियां छिपाने का पूरा प्रयास किया। टीम के अधिकारियों ने फोटो खींचकर ऐप पर अपलोड किए।
राहगीरों, घुमंतू और मलिन बस्तियों के लोगों को खुले में शौच से रोकने के लिए स्वच्छ भारत मिशन की ओर से शहर में 18 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया था। इन शौचालयों की हालत बेहद खराब है। कागजों में समय से खुलने और बंद होने वाले शौचालयों का सच जानने के लिए मिशन की ओर से क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) के सुपरवाइजर संजय कुमार यहां पहुंचे। उन्होंने जिला समन्वयक मिथुन कुमार और मुख्य सफाई एवं खाद्य निरीक्षक विजेंद्र कुमार सिंह के साथ निरीक्षण किया।
शनिवार की सुबह सबसे पहले नगर पालिका भवन के सामने पुराने डूडा दफ्तर के पीछे बने शौचालय को खोला गया। संजय कुमार ने मुख्य दरवाजे से अंदर तक सभी शौचालयों की हकीकत परखी। शौचालय में गंदगी पड़ी थी। देखकर लग रहा था कि कई दिन से सफाई नहीं हुई। कुछ टोंटी भी टूटी दिखीं तो आननफानन इन्हें बदलकर पुरानी टोंटियां लगवाई गईं। किसी भी शौचालय में पानी के लिए डिब्बा नहीं रखा था। इसके अलावा टीम ने लाल सराय, सातनपुर मंडी समेत अन्य शौचालयों का भी निरीक्षण किया।
जिला समन्वयक मिथुन ने बताया कि कुल 18 शौचालय बने हैं। एक के निरीक्षण की फोटो अपलोड होने के बाद दूसरा खुलता है। इसके बाद तय समय पर उस स्थान पर पहुंचना पड़ता है। सभी बिंदुओं पर अलग-अलग फोटोग्राफ और वीडियो अपलोड होते हैं। फिलहाल कोई शौचालय बंद नहीं मिला।