फर्रुखाबाद। घने कोहरे की चादर ने भगवान भाष्कर को अपने आगोश में ले लिया। कोहरे से सड़कों पर वाहन हेडलाइट जलाकर रेंगते रहे। रेल गाड़ियों की रफ्तार थमी सी रही। शनिवार की सुबह कोहरे की घनी चादर ने समूचे वातावरण को अपने घेरे में ले लिया। कोहरे के कारण सुबह सूर्य न निकलने से स्कूली बच्चों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा।
स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति अन्य दिनों की अपेक्षा कम रही। सड़क पर हेडलाइट जलाकर वाहन रेंगते रहे। यही हाल रेलगाड़ियों का रहा। घने कोहरे के कारण ट्रेनों के पहिए थमे से रहे। सुबह लगभग 11 बजे भगवान सूर्य जब आसमान से झांके तो लोगों ने राहत महसूस की। सूर्य के प्रकाश मेें तेजी नहीं थी।
साथ ही चल रही ठंडी हवाओं ने मौसम को ठंडा कर दिया। शाम होते होते मौसम खराब होता दिख रहा था। बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर इंतजार कर रहे यात्री दिन भर ठिठुरते रहे।