कायमगंज। मोनू को पानी में डूबता देख चंदू उसे बचाने के लिए गड्ढे में कूद गया। वह खुद डूबने लगा तो बड़ा भाई सूरज भी उसे बचाने के लिए पानी में उतर गया। सूरज ने चंदू को तो बाहर निकाल लिया लेकिन मोनू को बचाने के प्रयास में वह खुद गहरे पानी में समा गया।
रविवार को गांव कलाखेल के पास खनन के गड्ढे में गांव कटरा निवासी सूरज (12) पुत्र विनोद सक्सेना और मोनू (10) पुत्र राजपाल यादव की मौत के बाद सोमवार को चश्मदीद सूरज के छोटे भाई चंदू ने घटना का आंखों देखा हाल बताया। कहा कि बारिश हो रही थी। मोनू ने खेत देखने चलने को कहा था। सूरज अपने भाइयों चंदू, नन्हें, किशन को लेकर दोस्त मोनू के साथ खेत पर गया। खेत तक जाने में सभी के पैर मिट्टी से सन गए।
लौटते समय मोनू पैर धोने के लिए गड्ढे के किनारे पहुंचा। गीली मिट्टी में पैर फिसलने से वह गहरे पानी में चला गया। मोनू को डूबता देख चंदू उसे बचाने के लिए पानी में कूद गया। मोनू को बाहर खींचने के प्रयास में चंदू भी डूबने लगा। भाई को डूबता देख सूरज पानी में उतर गया। उसने चंदू को बाहर निकाल लिया लेकिन मोनू को बचाने की कोशिश में खुद भी गहरे पानी में चला गया।
चीख-पुकार सुनकर पास के ईंट-भट्ठे के मजदूर दौड़कर पहुंचे। उन्होंने सूरज को बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मोनू का भी पता नहीं चला। चंदू और अन्य बच्चे घर पहुंचे और परिजन को घटना बताई।
गांव में शव पहुंचते ही मचा कोहराम
सोमवार शाम को दोनों बच्चों के शव घर पहुंचे तो परिवारों में कोहराम मच गया। सूरज की मां शारदा देवी और मोनू की मां रीना देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। दोनों परिवारों के घर आसपास हैं, इससे माहौल गमगीन हो गया। रिश्तेदार और ग्रामीण परिवारों को ढांढस बंधाते रहे। परिजन ने दबी जुबान में समझौते का दबाव बनाए जाने की बात भी कही। ग्रामीणों ने प्रशासन से खनन के ऐसे गहरे गड्ढों को बंद कराने और दोबारा ऐसी घटना रोकने की मांग की।