फोटो-20 सदर तहसील में अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी के चेंबर में बैठक करके अधिवक्तागण। स्रोत: आयोजक
फर्रुखाबाद। सदर तहसील के अधिवक्ताओं ने मंगलवार को अदालती कार्य का बहिष्कार किया। यह बहिष्कार कायमगंज के अपने साथियों पर दर्ज फर्जी मुकदमों के विरोध में किया गया। अधिवक्ताओं ने तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ भी नाराजगी व्यक्त की।
तहसील बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष योगेश दीक्षित की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में फर्जी मुकदमे दर्ज कराने पर गहरा रोष व्यक्त किया गया। अधिवक्ताओं ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जब तक कायमगंज के अधिवक्ताओं के मामले वापस नहीं लिए जाते, तब तक वे काम से दूर रहेंगे। वरिष्ठ अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी के चैंबर में हुई इस बैठक में कायमगंज के साथियों को पूर्ण समर्थन देने की बात कही गई। अधिवक्ताओं ने यह भी मांग की कि सदर तहसील का संपूर्ण समाधान दिवस फतेहगढ़ के बजाय तहसील में ही आयोजित किया जाए। उन्होंने तर्क दिया कि फतेहगढ़ की दूरी अधिक होने के कारण लोग वहां नहीं पहुंच पाते हैं। इससे कर्मियों की शिकायतें भी अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाती हैं।
अधिवक्ताओं ने सदर तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ भी आवाज उठाई। उन्होंने मांग की कि सदर तहसील का संपूर्ण समाधान दिवस फतेहगढ़ के बजाय तहसील परिसर में ही आयोजित किया जाए। अधिवक्ताओं का कहना है कि फतेहगढ़ की अधिक दूरी के कारण आम लोग अपनी शिकायतें लेकर वहां नहीं पहुंच पाते हैं। इससे उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाता है। बैठक में मंजेश कटियार, एमपी सिंह, मुन्ना यादव, प्रकाश द्विवेदी, अजय प्रताप सिंह, राजीव चौहान, अनीस सिंह, अनुराग तिवारी, भानुप्रताप सिंह, पंकज राजपूत और आशुतोष कटियार सहित कई अधिवक्ता मौजूद थे।