सर्दी केे इस मौसम में सुबह शाम कोहरा दर्द दे रहा है। दिन में भले ही धूप
निकल रही हो लेकिन धुंध बरकरार रहती है। इससे मवेशियों में कोल्ड स्ट्रोक
के खतरा बढ़ने लगा है। मछलियाें के लिए भी खतरा बढ़ जाने से पालक परेशान
हैं। इसके अलावा ऐसा ही मौसम रहा तो आलू में झुलसा का प्रकोप हो सकता है।
रविवार क ो भी कोहरा व गलन ने लोगों को खूब सताया। लोग अलावों के आसपास
ठिठके रहे।
मछलियाें के लिए खतरा
कोहरा से मछली पालक डरे हुए
हैं। मछलियाें के लिए जान का खतरा बढ़ गया है। कोहरे से तालाब के पानी मेें
आक्सीजन की कमी होेने से मछलियाें की मौत की आशंका बढ़ जाती है। इनमें
एपीज्यूटिव अल्सरेटिव सिंड्रोम पनपने लगता है। इसमें मछलियाें के पंख गलने
लगते हैं। शरीर पर चकत्ते पड़ जाते हैं। मत्स्य अधिकारी शिवराम ने बताया
कि मछली पालक इस समस्या पर तकरीबन दो क्विंटल चूना एक हेक्टेयर तालाब में
डालें।
मुश्किल बन सकता कोल्ड स्ट्रोक
सर्दी में मवेशियों में
कोल्ड स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। भीषण सर्दी में मवेशी चारा खाना कम कर
देते हैं। इससे दूध भी कम हो जाता है। 15 फीसदी के करीब दूध कम हो जाता है।
निमोनिया व संक्रमण का खतरा बना रहता है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा.
पुष्प कुमार ने बताया कि पशु पालक सर्दी से मवेशियों को बचाएं। इन्हें पीने
के लिए ताजा पानी दिया जाए। रात में खुले आसमान के नीचे मवेशी न बांधें।
इनके आसपास अलाव जलाएं।
जो सामान मिला उसी का बनाया अलाव
सर्दी
रविवार को भी अपने तेवराें के साथ रही। सुबह घना कोहरा रहा। दोपहर को धूप
जरूर निकली, लेकिन धुंध बरकरार रही। मौसम में गलन बनी रही। बाजार में रौनक
नहीं दिखाई दी। संडे बाजार में जरूर खूब भीड़ रही। शहर में पालिका की ओर से
जलने वाले अलावाें के लिए लकड़ियां नाकाफी हैं। आसपास पड़े कागज और बेकार
सामान गत्ते आदि को भी जला कर तपिश ली जा रही है। सर्दी से बचने के लिए
मवेशी भी आग सेंकने पहुंच जाते हैं। सर्दी में भुने आलू की खपत बढ़ गई है।
शाम ढलते ही इन ठेलियाें के पास भीड़ लग जाती है। 5 से 7 रुपये किलो वाला
आलू यहां 80 रुपये किलो की दर से बिक रहा है।