मानसून आते ही ग्रामीण इलाकों में जुताई-बुआई शुरू हो गई है। ऐसे में खाद -बीज की मांग बढ़ी है। जिला पूर्ति विभाग ने दावा किया है कि जनपद में खाद व बीज की पर्याप्त व्यवस्था है।
जिला कृषि अधिकारी आरके सिंह का कहना है कि खरीफ के सीजन में किसानों को खाद-बीज की कमी नहीं होने दी जाएगी। जरूरत के अनुसार किसानों को खाद-बीज मिलेगा। सरकार की ओर से अनुदान पर आए बीज को ब्लाक स्तर पर संचालित जिले के सातों राजकीय कृषि बीज भंडारों पर भेज दिया गया है। अभी किसानों को बीज का पूरा दाम देना पड़ेगा। अनुदान की राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी। अलग-अलग प्रजाति के बीजों पर अनुदान की दर अलग-अलग है।
उन्होंने बताया कि धान की विभिन्न प्रजातियों का 325 क्विंटल, अरहर का पांच क्विंटल, उर्द का 16 क्विंटल, मूंग का चार क्विंटल व तिल का 1.5 क्विंटल बीज उपलब्ध है। धान की संकर प्रजाति का बीज स्टाल लगवाकर बिकवाया जा रहा है। शासन से निर्धारित कंपनियां अपना स्टाल लगाकर बीज बेच रही हैं। किसान उक्त निजी कंपनियों का बीज खरीदकर रसीद ले लें। विभाग में रसीद के साथ आवेदन करने पर अनुदान की राशि उनके खाते में भेजी जाएगी।