मौसम आई अचानक गर्मी ने किसानों के लिए भी समस्या खड़ी कर दी है। कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो यह बदलाव गेहूं और आलू की फसल के लिए नुकसानदेह है।
थाना नवाबगंज के गांव सिरौली के रहने वाले राजीव का कहना है कि मार्च के मध्य तक हल्की-हल्की सर्दी बनी रहती थी। इससे खेतों में लगा न तो आलू खराब होता था और न ही गेहूं की फसल को कोई क्षति पहुंचती थी।
उनका कहना है कि अचानक पड़ी गर्मी से खेतों की नमी कम हो रही है और नमी कम होने से गेहूं की बाली में पड़ रहे दाने में दूध सूख रहा है। इससे गेहूं की फसल को भारी क्षति हो सकती है।
दूसरी तरफ धूप में आलू पड़े होने से आलू का रंग हरा हो सकता है और सड़ने की आशंका बढ़ गई है। इसी गांव के जयवीर सिंह का कहना है कि आलू के दाम माटी के मोल होने से अधिकतर किसान अपना आलू खेतों में ही ढेर लगाकर रखे हैं। कुछ किसानों ने छाया में आलू लगा दिया है लेकिन गर्मी से छाया में भी आलू खराब हो सकता है।
बिजली की ग्रामीण क्षेत्रों में भयंकर समस्या बनी है। इस समस्या के चलते गेहूं की फसल को पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे फसल ही नहीं सूख रही है, बल्कि उसके अंदर दाने में पड़ रहे दूध के सूख जाने से गेहूं हल्का हो रहा है। गर्मी के कारण असमय गेहूं पक सकता है और इससे पैदावार पर भारी असर पड़ेगा।