एक अप्रैल से शुरू हो रहे नए शैक्षिक सत्र में नौनिहालों को पढ़ाई के लिए
पुरानी किताबों का सहारा लेना होगा। अभी नई किताबें मिलना मुश्किल है। जिला
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने पास हो चुके बच्चों की किताबें लेकर दाखिला पाने
वाले नए बच्चों को दिए जाने के निर्देश दिए हैं। प्रधानाध्यापकों को
झंडियों से स्कूल सजाने के निर्देश दिए गए हैं।
चार दिन बाद नया
शैक्षिक सत्र प्रारंभ होने जा रहा है। एक अप्रैल को नए बच्चों की अगवानी को
स्कूलों में सजावट की जाएगी। दाखिला कराने वाले छात्रों का अध्यापक तिलक
करेंगे। यह आदेश स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को दिए गए हैं। नए सत्र में
बच्चों को नई किताबें मिलना मुश्किल है। अभी तक शिक्षा विभाग में किताबें
नहीं आई हैं। इस कारण नए बच्चों को
स्कूल के पुराने बच्चों से किताबें लेकर
पढ़ने के लिए दी जाएंगी। यह आदेश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी योगराज सिंह
ने दिया है। बीएसए ने बताया कि 31 मार्च को सुबह 9 बजे जिलाधिकारी ने
आफीसर्स क्लब फतेहगढ़ प्रांगण में शैक्षिक उन्नयन संगोष्ठी बुलाई है। इसमें
परिषदीय स्कूलों के प्रधानाध्यापक, सह समन्वयक व एनपीआरसी और खंड शिक्षा
अधिकारियों को बुलाया गया है। इस गोष्ठी में शिक्षकों को समय से स्कूल आने
का संकल्प दिलाया जाएगा। अगर शिक्षक समय से स्कूल आएं और बच्चों को पढ़ाने
में रुचि लें तो शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार हो सकता है। अब सरकारी स्कूलों
में पढ़ाई न होने की धारणा को तोड़ना होगा। शिक्षक एक सप्ताह तक गांव गांव
जाकर ऐसे बच्चों को चिंहित करें जो स्कूल
नहीं आते हैं। इनका स्कूल में
दाखिला कर पढ़ाया जाए। बीएसए ने बताया कि वर्तमान समय में 1.95 लाख छात्र
संख्या परिषदीय स्कूलों की है। अभी नई किताबें नहीं आई हैं। इस कारण पुराने
बच्चों की किताबें स्कूल में जमा करा नए बच्चों
को दिए जाने के निर्देश
दिए गए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी बढ़पुर महेश शर्मा ने बताया कि एक अप्रैल
को स्कूल को सजाने और दाखिल पाने के लिए आने वाले बच्चों को तिलक लगाने,
सांस्कृतिक कार्यक्रम करने, समय से पूर्व शिक्षकों को स्कूल में पहुंचने,
नुक्कड़ नाटक कर लोगों को जागरूक करने और एक अप्रैल से पूर्व स्कूल की
रंगाई पुताई कराने के निर्देश दिए हैं।
ब्लाक स्तर पर गोष्ठी करने की मांग
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लाक कायमगंज अध्यक्ष आर्येन्द्र
कुमार सिंह ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया। इसमें कहा गया कि 31 मार्च को
जिला मुख्यालय पर संगोष्ठी बुलाई गई है। इसमें दूर दराज के शिक्षकों का आना
मुश्किल होगा। गर्मी के मौसम में शिक्षकों को दिक्कत हो सकती है। इस कारण
ब्लाक स्तर पर शैक्षिक उन्नयन संगोष्ठी का आयोजन कराया जाए। इसमें
प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक, शिक्षामित्र शामिल होंगे।