शमसाबाद (फर्रुखाबाद)। स्कूल से घर जा रही छात्रा को ट्रैक्टर-ट्राली ने रौंद दिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इससे परिवार में कोहराम मच गया। वह माता-पिता की इकलौती संतान थी। ट्रैक्टर-ट्राली व चालक को पकड़ने की मांग को लेकर परिजनों ने शव नहीं उठने दिया। इससे रोड जाम रहा। एसओ ने परिजनों को भरोसा दिया कि वह जल्द ही ट्रैक्टर व उसके चालक को पकड़ लेंगे। तब करीब ढाई घंटे बाद जाम खुल सका।
थाना क्षेत्र के गांव ललौर निवासी उपेंद्र शाक्य खेती करते हैं। उनकी 16 वर्षीय बेेटी अंशिका कक्षा आठ में कुइयां धीर स्थित प्राइवेट स्कूल में पढ़ती थी। शुक्रवार दोपहर छुट्टी के बाद वह स्कूल से निकलकर जा रही थी। गेट से 50 मीटर की दूरी पर सामने आए ट्रैक्टर-ट्राली ने उसे टक्कर मार कर रौंद दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। चालक ट्रैक्टर ट्राली लेकर भाग गया। सूचना पर परिजन मौके पर पहुंच गए। शव देख उसकी सहेलियां भी बिलखने लगीं। मां मीना देवी अपनी इकलौती संतान का शव देखकर गश खाकर गिर पड़ीं। इससे वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को उठाकर पंचानामा की कार्रवाई करने का प्रयास किया। तभी परिजनों व ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। कहा कि पहले ट्रैक्टर व उसके चालक को पकड़ा जाए। उसके बाद ही शव को उठने दिया जाएगा। बीच सड़क पर शव होने से वहां जाम लग गया। चालकों को वाहन दूसरे रास्ते से गुजारने पड़े। थानाध्यक्ष जेएल सोनकर ने करीब दो घंटे बाद पहुंचकर परिजनों को भरोसा दिया कि जल्द ही ट्रैक्टर व उसके चालक को पकड़ लेंगे। इसके बाद शाम को पांच बजे ढाई घंटे बाद जाम खुल सका। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया। थानाध्यक्ष जेलएन सोनकर ने बताया कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।