फर्रुखाबाद। पांचालघाट स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान पूजा-पाठ और मृत्यु प्रमाण पत्र देने के नाम पर की जा रही वसूली पर अब रोक रहेगी। जिला जज ने कानपुर की एक संस्था की ओर से दायर अपील को खारिज करते हुए सिविल जज सीनियर डिविजन के आदेश को बरकरार रखा है।
जनपद कानपुर थाना बिठूर के लवकुश नगर निवासी राजेंद्र कुमार बाजपेई की पांचालघाट श्मशान घाट फर्रुखाबाद के नाम से संस्था है। संस्था के कर्मचारी पांचालघाट स्थित श्मशानघाट पर शव लेकर आने वाले लोगों से मृत्यु प्रमाण पत्र दिलाने और पूजा-पाठ कराने के नाम पर रुपये वसूलते थे। श्मशान घाट पर होने वाली इस अनाधिकृत वसूली का शहर के मोहल्ला रायदीप चंद्र पल्ला मोहल्ला निवासी विष्णुनारायण अरोड़ा ने विरोध करते हुए कहा कि श्मशान घाट जिला पंचायत के नियंत्रणाधीन राजकीय संपत्ति है।
अपील करने वाले अथवा उसकी संस्था को किसी सक्षम प्राधिकारी, ग्राम पंचायत या जिला पंचायत से कोई अनुमति, लाइसेंस या ठेका प्राप्त नहीं है। आरोप लगाया कि संस्था की आड़ में आमजन से अवैध वसूली की जाती है। यह भी कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश पर जिला मजिस्ट्रेट ने पूर्व में अपीलार्थी के दावे को अस्वीकार कर दिया था। ऐसे में न तो प्रथम दृष्टया मामला बनता है और न ही सुविधा का संतुलन अपीलार्थी के पक्ष में है।
विवाद बढ़ने पर संस्था के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार बाजपेई ने वर्ष 2023 में सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में परिवाद दायर किया। इस मामले में सुनवाई पूरी करते हुए अदालत ने 6 अक्तूबर 2025 को निर्णय सुनाते हुए आदेश में कहा कि संस्था को शासन या प्रशासन से अंतिम संस्कार कराने की कोई अनुमति नहीं है। संस्था को धन वसूली, क्रियाकर्म कराने या घाट के संचालन का कोई अधिकार नहीं है। सिविल जज सीनियर डिवीजन के आदेश के खिलाफ संस्था के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार ने जिला जज की अदालत में अपील की थी। सुनवाई के बाद जिला जज नीरज कुमार ने अपील खारिज कर दी।