फर्रुखाबाद। कोरोना कर्फ्यू के दौरान ठेली-खोमचे लगाने वालों की आर्थिक तंगी को देख सरकार ने तीन महीने तक एक-एक हजार रुपये देने का फरमान दिया है। नगर पालिका ने पंजीकृत स्ट्रीट वेंडरों के सत्यापन को सर्वे शुरू कर दिया है। इसके लिए वार्ड वार कर्मचारी लगाए गए हैं। शहर में 8297 पंजीकृत स्ट्रीट वेंडर हैं।
केंद्र सरकार ने पीएम स्वनिधि योजना के तहत पंजीकृत स्ट्रीट वेंडरों को 10-10 हजार रुपये ऋण मुहैया कराया था। मंशा थी कि वह अपने व्यवसाय को बढ़ाकर परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत कर सकें। इसी दौरान कोरोना के चलते कर्फ्यू लगा दिया गया। लिहाजा स्ट्रीट वेंडरों के सामने ऋण की किस्तें चलाना मुश्किल हो गया।
अधिशासी अधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि शहर में 8297 स्ट्रीट वेंडर पंजीकृत हैं। 27 मई तक सर्वे का काम पूरा करवा लिया जाएगा। इसके बाद सूची फीडिंग करवा कर शासन को भेज दिया जाएगा। खातों में पैसा प्रदेश स्तर से ही भेजा जाएगा। सर्वे में लगे कर्मियों को लापरवाही न बरतने के आदेश दे दिए हैं।