राजेपुर। ब्लाक राजेपुर में ग्राम प्रधान व पंचायत सदस्य की वोटर लिस्ट में नाम बढ़ाने व काटने के मामले में एसटीएफ ने प्रत्याशियों के बयान दर्ज किए। उन्होंने तहसीलदार से पूछताछ कर वोट काटने व बढ़ाने का लिखित साक्ष्य देने के लिए कहा। समाचार लिखे जाने तक सात प्रत्याशियों के बयान एसटीएफ दर्ज कर चुकी थी।
ब्लाक राजेपुर क्षेत्र के 22 प्रधान पद के प्रत्याशियों ने प्रेक्षक से शिकायत कर तहसीलदार शेख आलम गीर पर आरोप लगाया था कि उन्होंने मतदान से एक-दो दिन पहले सांठगांठ कर मतदाता सूची में नाम बढ़ाए और काटे हैं। इस मामले की जांच का जिम्मा एसटीएफ को सौंपा गया था।
शनिवार को एसटीएफ के सीओ मनीष चंद्र सोनकर और एसआई पंकज अवस्थी ने टीम के साथ थाना राजेपुर में आकर डेरा डाल लिया। उन्होंने शिकायतकर्ताओं को मोबाइल कर थाने पर बुलाया। एसटीएफ ने ग्राम सभा कोलासोता के प्रधान पद के प्रत्याशी देवेंद्र प्रताप सिंह, चाचूपुर जटपुरा के बालकराम, नेत्रपाल, बलीपट्टी रानीगांव के वीरेंद्र कुमार पांडेय, भुड़ियाभेड़ा के श्यामपाल सिंह, दौलतपुर चकई के लईक खां और ग्राम सभा कुड़री सारंगपुर के प्रधान पद के प्रत्याशी बबलू कुमार के बयान दर्ज किए।
समाचार लिखे जाने तक शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज किए जा रहे थे। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि तहसीलदार ने सांठगांठ कर 3 व 4 दिसंबर को वोट बढ़ाए और काटे हैं। एसटीएफ ने मौके पर तहसीलदार को बुलाकर उनसे भी पूछताछ की। तहसीलदार शेख आलम गीर ने बताया कि गलत फीडिंग होने पर वोट काटे गए। सूची में जिनके नाम छूट गए, उनके नाम बढ़ाए गए।
गलत फीडिंग वाले नामों को काटा गया है। एसटीएफ के सीओ ने तहसीलदार को निर्देश दिए कि काटे और बढ़ाए वोटों के लिखित साक्ष्य उपलब्ध कराएं। इस दौरान एसडीएम अमृतपुर हवलदार सिंह और सीओ अमृतपुर कालूराम दोहरे आदि मौजूद रहे। एसटीएफ के सीओ ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। कार्रवाई बाद में होगी।