फर्रुखाबाद। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में प्रस्तावित आरक्षण दो मार्च को जारी किया गया था। इस पर आपत्तियां मांगी गई थीं। आठ मार्च को आपत्तियां लेने का अंतिम दिन था। दोपहर बाद तक 200 से अधिक आपत्तियां आईं। ज्यादातर आपत्तियां प्रधान पद के आरक्षण पर हैं। किसी ने शासनादेश का उल्लंघन का आरक्षण करने तो किसी ने फर्जी मतदाताओं की आंकड़ेबाजी के आधार पर आरक्षण देने का आरोप लगाया है। आपत्तियों का निस्तारण कर 14 मार्च को अंतिम सूची प्रकाशित की जाएगी।
शमसाबाद ब्लॉक के गांव हरसिंहपुर तराई निवासी हंसराम ने शासनादेश के आधार पर प्रधान पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित करने की मांग की है। ग्राम पंचायत नैगवां, रमापुर जसू, सादिकपुर, मिल्कमौज मुल्ला, बुढ़नपुर, बछलैया, रमपुरा, गुटैटी दक्षिण और खिनमिनी के लोगों ने भी प्रधान का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित न होने पर आपत्ति की है।
इन लोगों का तर्क है कि गांव में पांच प्रतिशत से अधिक अनुसूचित जाति के लोग रहते हैं। नवाबगंज ब्लॉक के गांव लखनपुर निवासी रामसेवक ने भी प्रधान पद के आरक्षण पर आपत्ति लगाई है। उन्होंने बताया कि 1995 व 2000 में पिछड़ा वर्ग महिला, 2005 में पिछड़ा वर्ग, 2010 में अनारक्षित और 2015 में प्रधान पद पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित था। इस बार फिर अनारक्षित कर दिया गया है।
गांव में 11 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जाति की है। इसलिए प्रधान पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होना चाहिए। इसी तरह कायमगंज ब्लॉक की ग्राम पंचायत भागीपुर उमराह के शिवकुमार और मंजीत सिंह ने प्रधान पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने पर आपत्ति लगाई। अपनी आपत्ति में दोनों ने बताया कि गांव में अनुसूचित जाति के 98 और पिछड़ा वर्ग के 721 वोट ही हैैं। प्रधान का पद अनारक्षित करने की मांग की गई है। ग्राम पंचायत बिल्हा निवासी धर्मेंद्र सिंह ग्राम पंचायत कुबेरपुर निवासी इरफान खान ने प्रधान का पद अनारक्षित करने की मांग की।
मोहम्माबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत गुरऊशादीनगर पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित की गई। इसे अनारक्षित करने की मांग की गई है। ग्राम पंचायत बीसलपुर बांगर पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित की गई। उमेश चंद्र दीक्षित सहित दो दर्जन ग्रामीणों ने आपत्ति लगाकर प्रधान पद अनारक्षित करने की मांग की है।
60 मतदाता फर्जी होने का दावा
नवाबगंज क्षेत्र की ग्राम पंचायत परिउली खरिदायी का प्रधान पद अनुुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित है। गांव के आशीष ने आरक्षण पर आपत्ति लगाते हुए कहा कि गांव में 143 वोट अनुसूचित जाति के हैं। 85 प्रतिशत सामान्य वर्ग के मतदाता हैं। अनुसूचित जाति के फर्रुखाबाद शहर निवासी 60 मतदाता गांव में दिखाकर सीट आरक्षित कर दी गई है। प्रधान पद अनारक्षित किया जाना चाहिए।
पंचायतों में पद
ग्राम प्रधान 594
सदस्य ग्राम पंचायत 7316
सदस्य जिला पंचायत 30
सदस्य क्षेत्र पंचायत 722